28 मई 2016

सूर्पनखा के वंशज

रामायण में सभी राक्षसों का वध हुआ लेकिन सूर्पनखा का वध नहीं हुआ । उसकी नाक और कान काट कर छोड़ दिया गया था । वह कपङे से अपने चेहरे को छुपाकर रहती थी । रावण के मर जाने के बाद वह अपने पति के साथ शुक्राचार्य के पास गयी और जंगल में उनके आश्रम में रहने लगी ।
राक्षसों का वंश ख़त्म न हो इसलिए शुक्राचार्य ने शिव की आराधना की । शिव ने अपना स्वरुप शिवलिंग शुक्राचार्य को देकर कहा कि जिस दिन कोई वैष्णव इस पर गंगाजल चढ़ा देगा । उस दिन राक्षसों का नाश हो जायेगा ।
उस आत्म लिंग को शुक्राचार्य ने वैष्णव मतलब हिन्दुओं से दूर रेगिस्तान में स्थापित किया । जो आज अरब में मक्का मदीना में है ।
सूर्पनखा जो उस समय चेहरा ढक कर रहती थी । वो परंपरा को उसके बच्चों ने पूरा निभाया । आज भी मुस्लिम औरतें चेहरा ढकी रहती हैं । सूर्पनखा के वंशज आज मुसलमान कहलाते हैं । क्योंकि शुक्राचार्य ने इनको जीवनदान दिया । इसलिए ये शुक्रवार को विशेष महत्व देते हैं ।
पूरी जानकारी तथ्यों पर आधारित सच है ।
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जानिए इस्लाम कैसे पैदा हुआ ?
असल में इस्लाम कोई धर्म नहीं है । एक मजहब है । दिनचर्या है । मजहब का मतलब अपने कबीलों के गिरोह को बढ़ाना ।
- यह बात सब जानते हैं कि मोहम्मदी मूलरूप से अरबवासी है । अरब देशो में सिर्फ रेगिस्तान पाया जाता है । वहां जंगल नहीं हैं । पेड़ नहीं है । इसीलिए वहां मरने के बाद जलाने के लिए लकड़ी न होने के कारण ज़मीन में दफ़न कर दिया जाता था ।
- रेगिस्तान में हरियाली नहीं होती । ऐसे में रेगिस्तान में हरा चटक रंग देखकर इंसान चला आता जो कि सूचक का काम करता था ।
- अरब देशो में लोग रेगिस्तान में तेज़ धूप में सफ़र करते थे । इसीलिए वहां के लोग सिर को ढकने के लिए टोपी पहनते थे । जिससे बीमार न पड़ें ।
- अब रेगिस्तान में न खेत थे, न फल । तो खाने के लिए वहाँ अनाज नहीं होता था । इसीलिए वहाँ के लोग जानवरों को काट कर खाते थे । और अपनी भूख मिटाने के लिए इसे क़ुर्बानी का नाम दिया गया ।
- रेगिस्तान में पानी की बहुत कमी रहती थी । इसीलिए लिंग ( मूत्रमार्ग ) साफ़ करने में पानी बर्बाद न हो जाये । इसीलिए लोग खतना ( अगला हिस्सा काट देना ) कराते थे ।
- सब लोग एक ही कबीले के खानाबदोश होते थे । इसलिए आपस में भाई बहन ही निकाह कर लेते थे ।
- रेगिस्तान में मूर्ति बनाने को मिट्टी मिलती नहीं थी । इसलिए मूर्ति पूजा नहीं करते थे ।
- खानाबदोश जीवन होने से एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता था । इसलिए कम बर्तन रखते थे और एक थाली में पांच लोग खाते थे ।
- कबीले की अधिक से अधिक संख्या बढ़े । इसलिए हर एक को चार बीवी रखने की इज़ाजत दी ।
इस्लाम कोई धर्म नहीं मात्र एक कबीला है । और इसके नियम असल में इनकी दिनचर्या है ।
‎इस्लाम_की_सच्चाई‬
अजमेर के ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती को 90 लाख हिंदुओं को इस्लाम में लाने का गौरव प्राप्त है । मोइनुद्दीन चिश्ती ने ही मोहम्मद गोरी को भारत लूटने के लिए उकसाया और आमंत्रित किया था । ( सन्दर्भ - उर्दू अखबार पाक एक्सप्रेस, न्यूयार्क 14 मई 2012)
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अजमेर दरगाह वाले ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ने किस तरह इस्लाम कबूल न करने पर पृथ्वीराज चौहान की पत्नी संयोगिता को मुस्लिम सैनिकों के बीच बलात्कार करने के लिए निर्वस्त्र करके फेंक दिया था और फिर पृथ्वीराज चौहान की वीर पुत्रियों ने आत्मघाती बनकर मोइनुद्दीन चिश्ती को 72 हूरों के पास भेजा था । 
साभार - एक फ़ेसबुक पेज से
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