15 अगस्त 2010

परमात्मा ने सृष्टि का निर्माण क्यों किया ????

लेखकीय - ये हैं । कुछ comments । परमात्मा ने सृष्टि का निर्माण क्यों किया ???? ये प्रश्न मेरे सामने मेरे साधु जीवन में सैकडों बार आया । और अलग अलग विचार के लोगों या साधुओं से इस पर कई बार चर्चा हुयी । वास्तव में इस प्रश्न का उत्तर बेहद सरल और फ़िर बेहद कठिन भी है ?
*******
हमारीवाणी.कॉम के सभी सदस्यों को हमारीवाणी टीम की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ ! आइये इस शुभावसर पर अंग्रेजों की गुलामी को छोड़कर अपनी देश की राष्ट्रभाषा "हिंदी" के प्रचार एवं प्रसार की शपथ लें । तथा इसके उत्थान में सहयोगी बनें । इस शुभ अवसर पर हमें यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि आपका अपना ब्लॉग संकलक "हमारीवाणी.कॉम" एकदम सही और सुचारू रूप से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है । हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि भविष्य में और भी मुस्तैदी के साथ हमारीवाणी टीम कार्य करेगी । आप आप हमारीवाणी.कॉम का लोगो अपनी साईट पर लगा सकते हैं । जिससे कि जैसे ही आपकी पोस्ट पब्लिश हो तो तुरंत ही हमारीवाणी.कॉम पर भी प्रदर्शित हो जाए ।
*******
Rajeev पोस्ट " वैसी ही उसकी परलोक गति भी होती है । " पर ।जय गुरूदेव की । राजीव जी मुझे आज तक यह समझ नहीं आया ।परमात्मा ने सृष्टि का निर्माण क्यों किया ? इसका उत्तर मुझे कहीं नही मिला ? और इस विषय पर मेने मेरे ब्लाग में एक लेख भी लिखा है। लेकिन अभी शायद उसको खोलने पर वायरस मिलेगा। क्योंकि अभी हमारी वाणी .काम में अभी वायरस है ।
Sonal पोस्ट " वैसी ही उसकी परलोक गति भी होती है । " पर ।anootha lekh..shukriya share karne ke liye
Rajeev ने " वैतरणी नाम की महा नदी " पर ।जय गुरूदेव की । सुन्दर लेख । Sonal पोस्ट " आज के ज्योतिष में कितना दम है ? " पर ।कलियुग की आयु 28 000 बरस है । ye kaise sidh hota hai ???Meri Nayi Kavita aapke Comments ka intzar Kar Rahi hai .
Deepak Shukla पोस्ट " ये माया तेरी अजब निराली है । " पर ।राजीव भाई । आपने मेरे ब्लॉग पर आ कर मुझे मान दिया है । और अपने शब्दों से अलंकृत किया है इसके लिए में दिल से आभारी हूँ । दीपक ।Aaj pratham baar main bhi aapke blog par aaya hun aur aakar bahut achha anubhav hua hai.Eshwar aapke aatmgyan ko badhaye...aur apni sharan main le.aapke aalekhon tak sada meri pahunch rahe eske liye aaj se main aapka anusarn kar raha hun...aap bhi agar mere blog ka anusaran karenge to mujhe atyant khushi hogi . ******** ये मामूली नही । प्रत्येक मनुष्य के लिये बहुत बडा प्रश्न है ??
राजीव जी मुझे आज तक यह समझ नहीं आया । परमात्मा ने सृष्टि का निर्माण क्यों किया ???? इसका उत्तर मुझे कहीं नही मिला ???? और इस विषय पर मेने एक मेरे ब्लाग में एक लेख भी लिखा है ।
*********
इस प्रश्न का उत्तर । यानी मेरी बात ।
आईये इस प्रश्न को एक दूसरे अंदाज में सोचते हैं । अगर आप राजा या प्रधानमंत्री होते तो क्या करते ? आप कोई भी कडी हार जीत । कडी प्रतिस्पर्धा वाला । बडे इनाम वाला खेल भी खेलते हैं तो क्या होता है ? आप अपने छोटे से बच्चे को जिंदगी के तमाम अनुभवों से गुजारकर एक सफ़ल इंसान क्यों बनाना चाहते हैं । अगर आप भगवान होते । तो इस सृष्टि को कैसा बनाते और वर्तमान के अनुसार इसमें क्या सुधार करते ? सृष्टि के रहस्य और उन पर विजय पाने का ग्यान वास्तव में ( किसी भी काल में ) था ही नहीं । या महज विषय वासनाओं में डूवे रहकर आपने उस पर ध्यान देने की जरूरत ही नहीं समझी । अगर आप अशिक्षित रहकर इस दुनियां के मजे ठीक से नहीं ले पा रहे तो ये आपका दोष है या आपके प्रधानमंत्री का ? आज कोई भी फ़िल्म निर्माता एक फ़िल्म बनाता है । तो उसमें जीवन के सभी रंग । सुख दुख । प्यार सेक्स । हिंसा धोखा । बदला बलिदान । त्याग ममता । परिवार अकेलापन । मिलन जुदाई । जैसे रंग क्यों डालता है ? इन प्रश्नों और इन जैसे ही संभावित अन्य प्रश्नों का आप चिंतन रूप में आत्मा से उत्तर प्राप्त करने की कोशिश करेंगे । तो निश्चय ही आपको उत्तर प्राप्त होगा । वैसे इस प्रश्न का उत्तर मैं कुछ ही दिनों में दूंगा ।
********
" जाकी रही भावना जैसी । हरि मूरत देखी तिन तैसी । "
" सुखी मीन जहाँ नीर अगाधा । जिम हरि शरण न एक हू बाधा । "
विशेष--अगर आप किसी प्रकार की साधना कर रहे हैं । और साधना मार्ग में कोई परेशानी आ रही है । या फ़िर आपके सामने कोई ऐसा प्रश्न है । जिसका उत्तर आपको न मिला हो । या आप किसी विशेष उद्देश्य हेतु कोई साधना करना चाहते हैं । और आपको ऐसा लगता है कि यहाँ आपके प्रश्नों का उत्तर मिल सकता है । तो आप निसंकोच सम्पर्क कर सकते हैं । सम्पर्क.. 09808742164
एक टिप्पणी भेजें