17 नवंबर 2012

2012 के विनाशकारी युद्ध के तीसरे चरण की शुरुआत में आप सबका स्वागत है


दोस्तो ! आज 14 नवम्बर का दिन है । और 2012 के तीसरे चरण की शुरूआत । अब से रूद्र क्रुद्ध हो रहे थे । दुनिया में संकट के बादल तैयार थे । वीर योद्धा " दम-असो " जैसी महाशक्ति ने संसार में विनाश के तीसरे चरण की शुरुआत की होगी । अभी तक तो वो बारी बारी से किसी 1-1 तत्व का विनाश कर रहे थे । मगर अब तो पाँचों तत्वों का खेल शुरु होना था । अब एशियाई देशो से में उपद्रव होने थे । 1 तरफ अरब सहित इस्लामी देशों में " काल टंकार शस्त्र " का प्रयोग हुआ । यह तेजी से मृत्यु के तांडव फ़ैलाने वाला था । दूसरी तरफ चीन में " शुर मारंग " शस्त्रों के प्रहार थे । तीसरी तरफ भारत में " उग्रवायु " ओर " वायुपाशी " शस्त्रों का मायावी खेल था । भारत में लोगो को अपने ही घर । जमीन से उद्वेलित होना था । यह 

राजस्थान में होना था । दूसरी तरफ स्वांस और बुखार के भयानक रोगों के साथ दुर्घटनाओं और दुर्भाग्य को कई गुना बड़ा देने का फ़ैसला था । परम स्वार्थी लोगों को । राजनीति के सितारों को । अभिमानी अमीरों को । फ़ैशन परस्त लोगो के विनाश का सूर्योदय था यह । ज्वाला " दम-असो " की थी । जिसने दुनिया के सभी ज्वालामुखियों को जिन्दा कर दिया था .। वो जान गये कि - लोग नही समझेंगे । इसलिए मृत्यु के तांडव बड़ा दिए जाने थे । वो पहले भी कई देशो को । और लोगों को सबक सिखा चुके थे । मगर फिर भी भारत के लोग अपने स्वार्थ ओर नीचता की विजय के सपनों में मस्त थे ।
दोस्तो ! आज 10 NOV 2012 का दिन है । और पूरे 34 दिन बाद मैं 1 बार फिर 2012 के विनाशकारी युद्ध के तीसरे चरण की शुरुआत में आप सबका स्वागत करने आप सबके सामने खड़ा हूँ । शर्त वही पुरानी बात है । या

तो आप " ना अस्तरे दमन-असो " को स्वीकार करेंगे । या फिर विनाश के लिए तैयार रहें । क्योंकि अब तक वो महाशक्ति तुम्हें जीवन के प्रति मोहित मन वाला मानकर समझा रही थी । और न समझने की हालत में । अब वह तुमसे नाराज होकर विनाश के तीसरे चरण की शुरुआत करने को उग्र हुई । इस तीसरे चरण के विनाश मे वो " वायु पाशी " शस्त्रों की मायावी शक्ति का प्रयोग करने जा रहे थे । इन शस्त्रों का वर्णन रूद्रयामल ग्रंथो में आखिरी बार प्रत्यक्ष रूप से 8 लाख साल पहले देखने को मिलता था । यह अलौकिक बल के विनाशकारी ओर शक्तिशाली दुष्टों 

का अभिमान हमेशा हमेशा के लिए नष्ट कर देने वाले थे । मुझे दुख रहेगा कि - इंसान जो खुद को समझदार कहते थे । मेरी छोटी सी बात भी नही समझ पाए । और उनका सामना " दमस " जैसी महा विनाशक शक्ति से था । यह इंसानों के अभिमान के चातुर्य ओर अंत का युद्ध था । इस तरह आज से 2012 के वास्तविक विनाश के तीसरे और भयावह चरण की शुरुआत हुई ।
- अगर आप महाविनाश वाणी / Catastrophe की ताजा खबरें तुरन्त प्राप्त करना चाहते हैं । तो वह फ़ेस बुक पर उपलब्ध है । लिंक -
http://www.facebook.com/MahavinasaVaniCatastrophe
ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ 
कोट्टायम डायोसीज़ के 1 पादरी का इटली में 5 स्टार वैश्यालय पाया गया है । इसका भण्डाफ़ोड़ तब हुआ । जब

1 आनलाइन न्यूज़ चैनल ने कुछ लड़कियों का इंटरव्यू लिया । पता चला है कि यह पादरी ? कम उमृ की लड़कियों को " नन " बनाने का झाँसा देकर उनसे 3 से 5 लाख रुपए भी वसूलता था । और उन्हें इटली भेजकर सीधे अपने वैश्यालय पहुँचा देता था । फ़िर वहाँ से भी कमाता था । केरल से इटली और वेटिकन जाने वाले ईसाई राज नेता और चर्च के पदाधिकारी इस पादरी के इटली स्थित होटल में " खास मेहमान " होते थे । इसलिए इन साहब का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है ।
http://keralaonlinenews.com/malayali-priest-five-star-brothel-in-italy-malayalam-news-20447.html/
क्या कहा ? चैनल पर किसी खबर में देखा नहीं । अरे भाई ! कैसे देखेंगे ? ये किसी हिन्दुत्ववादी का मामला थोड़े ही है । Suresh Chiplunkar
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=463082547067268&set=a.383353168373540.80064.383352671706923&type=1&theater
ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ 
My dearest Allie,  I don’t know what to say anymore except that I couldn’t sleep last night because I

know that it is over between us . It is a different feeling for me, one that I never expected, but looking back, I suppose it couldn’t have ended another way .You and I were different . We came from different worlds, and yet you were the one who taught me the value of love .You showed me what it was like to care for another, and I am a better man because of it . I don’t want you to ever forget that . I am not bitter because of what happened . On the contrary . I am secure in knowing that what we had was real, and I am happy we were able to come together for even a short period of time . And if, in some distant place in the future, we see each other in our new lives, I will smile at you with joy, and remember how we spent a summer beneath the trees, learning from each other and growing in love . And maybe, for a brief moment, you’ll feel it too, and you’ll smile back, and savor the memories we will always share together . I love you,  Allie.Noah  ~The Notebook
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=555757561117718&set=a.414831998543609.114567.414764241883718&type=1&theater
Remembering that I’ll be dead soon is the most important tool I’ve ever encountered to help me make

the big choices in life . Because almost everything -  all external expectations, all pride, all fear of embarrassment or failure - these things just fall away in the face of death, leaving only what is truly important… Remembering that you are going to die is the best way I know to avoid the trap of thinking you have something to lose . You are already naked. There is no reason not to follow your heart. “ Your time is limited, so don’t waste it living someone else’s life. Don’t be trapped by dogma  which is living with the results of other people’s thinking . Don’t let the noise of others’ opinions drown out your own inner voice . And most important, have the courage to follow your heart and intuition... They somehow already know what you truly want to become . Everything else is secondary ~Steve Jobs 
एक टिप्पणी भेजें