27 सितंबर 2013

Theory of Everything - Time Machine

क्या समय यात्रा संभव है ? एच जी वेल्स के उपन्यास " द टाइम मशीन " में नायक 1 विशेष कुर्सी पर बैठता है । जिस पर कुछ जलते बुझते बल्ब लगे होते हैं । कुछ डायल होते हैं । नायक डायल सेट करता है । कुछ बटन दबाता है । और अपने आपको भविष्य के हज़ारों वर्षों बाद में पाता है । समय यान Time Machine  - 2002 में बनी हालीवुड की फिल्म में दिखाया समय यान उस समय तक इंगलैंड नष्ट हो चुका होता है । और वहाँ पर मार्लाक और एलोई नामक नये प्राणियों का निवास होता है । यह विज्ञान फतांसी की 1 महान कथा है । लेकिन वैज्ञानिकों ने समय यात्रा की कल्पना या अवधारणा पर कभी विश्वास नहीं किया है । उनके अनुसार यह सनकी, रहस्यवादी और धूर्तों के कार्य क्षेत्र की अवधारणा है । उनके पास ऐसा मानने के लिये ठोस कारण भी है । लेकिन क्वांटम गुरुत्व Quantum Gravity   में आश्चर्यजनक रूप से प्रगति इस अवधारणा की चूलों को हिला रही है ।  समय यात्रा की अवधारणा की राह में सबसे बड़ा रोड़ा इससे जुङी पहेलियों जैसे ढेर सारे विरोधाभास Paradox  है ।
विरोधाभास 1 - इस उदाहरण के अनुसार कोई व्यक्ति बिना माता पिता के भी हो सकता है । क्या होगा । जब कोई व्यक्ति भूतकाल में जाकर अपने पैदा होने से पहले अपने माता पिता की हत्या कर दे ? प्रश्न यह है कि यदि 

उसके माता पिता उसके जन्म से पहले ही मर गये । तो उनकी हत्या करने के लिये वह व्यक्ति पैदा कैसे हुआ ?
विरोधाभास 2 - यह ऐसा विरोधाभास है । जिसमें 1 व्यक्ति का कोई भूतकाल नहीं है । उदाहरण के लिये मान लेते हैं कि 1 युवा आविष्कारक अपने गैराज में बैठकर समय यान मशीन बनाने की कोशिश कर रहा है । अचानक 1 वृद्ध व्यक्ति उसके सामने प्रकट होता है । और उसे समय यान बनाने की विधि देकर अदृश्य हो जाता है । युवा आविष्कारक समय यात्रा से प्राप्त जानकारियों से शेयर मार्केट, घुड़दौड़, खेलों के सट्टे से काफी सारा पैसा कमाकर अरबपति बन जाता है । जब वह बूढ़ा हो जाता है । तब वह समय यात्रा कर भूतकाल में जाकर अपनी ही युवावस्था को समय यान बनाने की विधि देकर आता है । प्रश्न यह है कि समय यान बनाने की विधि कहाँ से आयी ?
विरोधाभास 3 - इस विरोधाभास मे 1 व्यक्ति अपनी ही माता है । " जेन " को 1 अनाथालय में 1 अजनबी छोड़ गया था । जब जेन युवा होती है । उसकी मुलाकात 1 अजनबी से होती है । उस अजनबी के संसर्ग से जेन गर्भवती हो जाती है । उस समय 1 दुर्घटना घटती है । जेन 1 बच्ची को जन्म देते समय मरते मरते बचती है । लेकिन बच्ची का रहस्यमय तरीके से अपहरण हो जाता है । जेन की जान बचाते समय डाक्टरों को पता चलता है कि जेन के पुरुष और महिला दोनों जननांग है । डाक्टर जेन को बचाने के लिये उसे पुरुष बना देते हैं । अब जेन बन जाती है - जिम । इसके बाद जिम शराबी बन जाता है । 1 दिन उसे भटकते हुये 1 शराबख़ाने में 1 बार टेंडर मिलता है । जो कि 1 समय यात्री होता है । जिम उस समय यात्री के साथ भूतकाल में जाता है । वहाँ उसकी मुलाकात 1 लड़की से होती है । वह लड़की जिम के संसर्ग में गर्भवती हो जाती है । और 1 बच्ची को जन्म देती है । अपराध बोध में जिम उस नवजात बच्ची का अपहरण कर उसे 1 अनाथालय में छोड़ देता है । बाद में जिम समय यात्रियों के दल में शामिल हो जाता है । और भटकती जिन्दगी जीता है । कुछ वर्षों बाद उसे 1 दिन उसे 

सपना आता है कि उसे बार टेंडर बनकर भूतकाल में 1 जिम नाम के शराबी से मिलना है । प्रश्न - जेन की मां, पिता, भाई, बहन, दादा, दादी, बेटा, बेटी, नाती, पोते कौन हैं ?
इन्हीं सभी विरोधाभासों के चलते समय यात्रा को असंभव माना जाता रहा है । न्यूटन ने समय को 1 बाण के जैसा माना था । जिसे 1 बार छोड़ दिया । तब वह 1 सीधी रेखा मे चलता जाता है । पृथ्वी पर 1 सेकंड, मंगल पर 1 सेकंड के बराबर था । बृह्मांड मे फैली हुयी घङियां 1 गति से चलती थी । आइंस्टाइन ने 1 नयी क्रांतिकारी अवधारणा को जन्म दिया । उनके अनुसार समय 1 नदी के प्रवाह के जैसे है । जो सितारों आकाश गंगाओं के घुमावों से बहता है । इसकी गति इन पिंडो के पास से बहते हुये कम ज्यादा होती रहती है । पृथ्वी पर 1 सेकंड । मंगल 1 एक सेकंड के बराबर नही है । बृह्मांड मे फैली हुयी घङियां अपनी अपनी गति से चलती हैं । आइंस्टाइन की मृत्यु से पहले उन्हे 1 समस्या का सामना करना पडा था । आइंस्टाइन के प्रिन्स्टन के पड़ोसी कर्ट गोएडल ( जो शायद पिछले 500 वर्षो के सर्वश्रेष्ठ गणितिय तर्क शास्त्री है ) ने आइंस्टाइन के समीकरणों का 1 ऐसा हल निकाला । जो समय यात्रा को संभव बनाता था । समय की इस नदी के प्रवाह में अब कुछ भंवर आ गये थे । जहाँ समय 1 वृत्त में चक्कर लगाता था । गोयेडल का हल शानदार था । वह हल 1 ऐसे बृह्मांड की कल्पना करता था । जो 1 घूर्णन करते हुये द्रव से भरा है । कोई भी इस द्रव के घूर्णन की दिशा में चलता जायेगा । अपने आपको प्रारंभिक बिन्दु पर पायेगा । लेकिन भूतकाल में ।
अपने वृतांत में आइंस्टाइन ने लिखा है कि वे अपने समीकरणों के हल में समय यात्रा की संभावना से परेशान हो गये थे । लेकिन उन्होंने बाद में निष्कर्ष निकाला कि बृह्मांड घूर्णन नहीं करता है । वह अपना विस्तार करता है ( महाविस्फोट - Big Bang Theory )  इस कारण गोएडल के हल को माना नहीं जा सकता । स्वाभाविक है कि यदि बृह्मांड घूर्णन करता होता । तब समय यात्रा सारे बृह्मांड में संभव होती ।
1963 में न्यूजीलैंड के 1 गणितज्ञ राय केर ने घूर्णन करते हुए ब्लैक होल के लिये आइंस्टाइन के समीकरणों का हल निकाला । इस हल के कुछ विचित्र गुण धर्म थे । इसके अनुसार घूर्णन करता हुआ ब्लैक होल 1 बिन्दु के रूप मे संकुचित न होकर 1 न्यूट्रान के घुमते हुये वलय के रूप में होगा । यह वलय इतनी तेजी से घूर्णन करेगा कि 

अपकेन्द्री बल centrifugal force  इसे 1 बिन्दु के रूप में संकुचित नहीं होने देगा । यह वलय 1 तरह से एलीस के दर्पण के जैसे होगा । इस वलय में से जाने वाला यात्री मरेगा नहीं । बल्कि 1 दूसरे बृह्मांड में चला जायेगा । इसके पश्चात आइंस्टाइन के समीकरणों के ऐसे सैंकड़ों हल खोजे जा चुके हैं । जो समय यात्रा या अंतरिक्षीय सूराख़ों Worm holes  की कल्पना करते हैं ।
अंतरिक्षिय सूराख Worm   hole -    ये अंतरिक्षीय सूराख न केवल अंतरिक्ष के 2 स्थानों को जोड़ते हैं । बल्कि 2 समय क्षेत्रों को भी जोड़ते हैं । तकनीकी रूप से इन्हें समय यात्रा के लिये प्रयोग किया जा सकता है । हाल ही में क्वांटम सिद्धांत में गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को जोड़ने के जो प्रयास हुये हैं । ऊपर दिये गये विरोधाभासों के बारे में कुछ और जानकारी दी है । क्वांटम भौतिकी में किसी भी वस्तु की 1 से ज्यादा अवस्था हो सकती है । उदाहरण के लिये 1 इलेक्ट्रान 1 समय में 1 से ज्यादा कक्षा में हो सकता है ( इसी तथ्य पर ही सारे रासायनिक सिद्धांत आधारित हैं ) । क्वांटम भौतिकी के अनुसार स्क्राडीन्गर की बिल्ली 1 साथ 2 अवस्था में हो सकती है । जीवित और मृत । इस सिद्धांत के अनुसार भूतकाल में जाकर उसमें परिवर्तन करने पर जो परिवर्तन होंगे । उससे 1 समानांतर बृह्माण्ड बनेगा। मौलिक बृह्माण्ड वैसा ही रहेगा ।
यदि हम भूतकाल में जाकर महात्मा गांधी को बचाते हैं । तब हम किसी और के भूतकाल को बचा रहे होंगे । हमारे गांधी फिर भी मृत ही रहेंगे । महात्मा गांधी को हत्यारे से बचाने पर बृह्माण्ड 2 हिस्सो में बंट जायेगा । 1 बृह्मांड जहाँ गाधींजी की हत्या नहीं हुयी होगी । दूसरा हमारा मौलिक बृह्मांड । जहाँ गांधीजी की हत्या हुयी है । इसका मतलब यह नहीं कि हम एच जी वेल्स के समय यान में प्रवेश कर समय यात्रा कर सकते हैं । अभी भी कई रोड़े हैं ।
पहली मुख्य समस्या है - ऊर्जा । 1 कार के लिये जिस तरह पेट्रोल चाहिये । उसी तरह समय यान के लिये काफी सारी मात्रा में ऊर्जा चाहिये । इतनी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त करने के लिये हमें किसी तारे की सम्पूर्ण ऊर्जा का उपयोग करने के तरीके सीखने होंगे । या असाधारण पदार्थ जैसे ऋणात्मक पदार्थ Negative Matter  (  ऐसा पदार्थ जो गुरुत्वाकर्षण से ऊपर जाये । नीचे ना गिरे ) खोजना होगा । या ऋणात्मक ऊर्जा Negative Energy  का स्रोत खोजना होगा । ( ऐसा माना जाता था कि ऋणात्मक ऊर्जा असंभव है । लेकिन अल्प मात्रा में ऋणात्मक ऊर्जा का प्रयोगिक सत्यापन कैसीमीर प्रभाव Casimir effect  से हो चूका है । ) ऋणात्मक ऊर्जा का बड़े पैमाने पर उत्पादन कम से कम अगली कुछ शताब्दियों तक संभव नहीं है । ऋणात्मक पदार्थ अभी तक खोजा नहीं गया है । ध्यान दें । ऋणात्मक पदार्थ प्रति पदार्थ Anti matter  या श्याम पदार्थ Dark Matter  नहीं है ।
इसके अलावा समस्या स्थायित्व की भी है । केर का ब्लैक होल अस्थायी हो सकता है । यह किसी के प्रवेश करने से पहले ही बंद हो सकता है । क्वांटम भौतिकी के अंतिरिक्षिय सूराख भी किसी के प्रवेश करने से पहले बंद हो सकते हैं । दुर्भाग्य से हमारी गणित इतनी विकसित नहीं हुयी है कि वह इन अंतिरिक्षिय सूराखों Worm  holes  के स्थायित्व की गणना कर सके । क्योंकि इसके लिये हमे थ्योरी आफ एवरीथिंग Theory of Everything   चाहिये । जो गुरुत्व और क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतों का एकीकरण कर सके । अभी तक थ्योरी आफ एवरीथिंग का 1 ही पात्र सिद्धांत है - सुपर  स्ट्रींग थ्योरी Super String Theory  । यह 1 ऐसा सिद्धांत है । जो अच्छी तरह से परिभाषित अवश्य है । लेकिन इसका हल अभी तक किसी के पास नही है ।
श्याम विवर Black Hole  -  मजेदार बात यह है कि स्टीफन हांकिंस ने समय यात्रा की अवधारणा का विरोध किया था । उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास इसके अनुभव जन्य प्रमाण हैं । उनके अनुसार यदि समय यात्रा संभव है । तब भविष्य से आने वाले समय यात्री कहाँ हैं ? भविष्य से कोई यात्री नहीं है । इसका अर्थ है । समय यात्रा संभव नहीं है । लेकिन पिछले कुछ वर्षो में सैद्धांतिक भौतिकी में काफी नयी खोज हुयी है । जिससे प्रभावित होकर हाकिंग ने अपना मत बदल दिया है । अब उनके अनुसार समय यात्रा संभव है । लेकिन प्रायोगिक practical  नहीं ।
हमारे पास भविष्य से यात्री इस कारण नहीं आते होंगे । क्योंकि हम इतने महत्वपूर्ण नही हैं । समय यात्रा कर सकने में सफल सभ्यता काफी विकसित होगी । वह किसी तारे की सम्पूर्ण ऊर्जा के दोहन में सक्षम होगी । जो भी सभ्यता किसी तारे की ऊर्जा पर नियंत्रण कर सकती है । उनके लिये हम 1 आदिम सभ्यता से बढकर कुछ नहीं हैं । क्या आप चींटियों को अपना ज्ञान, औषधि या ऊर्जा देते हैं ? आपके कुछ दोस्तों को तो शायद उन पर पैर रखकर कुचलने की इच्छा होती होगी । कल कोई आपके दरवाजे पर दस्तक दे । और कहे कि वह भविष्य से आया है । और आपके पोते के पोते का पोता है । तो दरवाजा बंद मत करिये । हो सकता है कि - वह सही हो ।
साभार -
http://vigyan.wordpress.com/2010/12/10/timetravel/
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