05 सितंबर 2013

हा हा हा गाय के गोबर में लक्ष्मी

पहले आप सब ये जान लें । भारत में 3 600 कत्लखाने ऐसे हैं । जिनके पास गाय काटने का लाइसेंस है । इसके अलावा 36 000 कत्लखाने गैर कानूनी चल रहे हैं । प्रति वर्ष ढाई करोङ गायों का कत्ल किया जाता है । 1 से सवा करोङ भैंसो का । और 2 से 3 करोङ सुअरों का । बकरे । बकरियाँ । मुर्गे । मुर्गियाँ आदि छोटे जानवरों की संख्या भी करोङों में है । गिनी नहीं जा सकती । तो भारत एक ऐसा देश बन गया है । जहाँ कत्ल ही कत्ल होता है ।
तो ये सब जब उनको सहन नहीं हुआ । तो सन 1998 मे राजीव भाई और राजीव भाई जैसे कुछ सम विचारी लोगों ने सुप्रीम कोर्ट मे मुक़द्दमा किया । एक संस्था है - भारत में । अखिल भारतीय गौ सेवक संघ । जिससे राजीव भाई जुङे हुए थे । और इस संस्था का मुख्य कार्यालय जो कि राजीव भाई के शहर वर्धा में ही है । और एक दूसरी संस्था है । उसका नाम है - अहिंसा आर्मी ट्रस्ट । तो इन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट मे मुक़द्दमा दाखिल किया । और बाद में पता चला कि गुजरात सरकार भी मुक़द्दमे में शामिल हो गई ।

तो सुप्रीम कोर्ट में मुक़द्दमा किया गया कि - गाय और गौ वंश की हत्या नहीं होनी चाहिए । तो सामने बैठे कसाई लोगों ने कहा - क्यों नहीं होनी चाहिए ? जरूर होनी चाहिए । तो राजीव भाई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट मे अपील किया गया कि ये एक दो जज का मामला नहीं है । आप इसमें बड़ी बैंच बनाई जाए । 3-4 साल तो सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया । बाद में मान लिया कि चलो इसके लिए constitutional bench बनाई जाएगी । भारत के थोड़े दिन पहले चीफ जस्टिस रहे श्री RC लाहोटी ने अपनी अध्यक्षता में 7 जजों की एक constitutional bench बनाई । जिसमें 2004 से सितंबर 2005 तक मुकद्दमे की सुनवाई चली ।
कसाईयों की तरफ से लड़ने वाले भारत के सभी बड़े बड़े वकील जो 50 -50 लाख तक फीस लेते हैं । सोली सोराब जी की बीस लाख की फीस है । कपिल सिब्बल 22 लाख की फीस है । महेश जेठ मलानी राम जेठ मलानी का

लड़का जो फीस लेते हैं - 32 लाख से 34 लाख । सारे सभी बड़े वकील कसाइयों के पक्ष में । राजीव भाई की तरफ से लड़ने वाला कोई बड़ा वकील नहीं । क्योंकि फीस देने का इतना पैसा नहीं । तो राजीव भाई ने अदालत को कहा कि - हमारे पास तो कोई वकील नहीं है । तो क्या करेंगे ? तो अदालत ने कहा कि - हम अगर आपको वकील दें ? तो राजीव भाई ने कहा - बड़ी मेहरबानी होगी । या फिर आप हमें ही बहस का मौका दे दो । तो बड़ी मेहरबानी होगी । तो उन्होंने कहा कि - हाँ आप ही बहस कर लो । और हम आपको एम इ एस्क्युरी देंगे । यानि कोर्ट के द्वारा दिया गया वकील । और फिर हमने ये केस लड़ना शुरू किया ।
तो मुक़द्दमे में कसाईयो द्वारा गाय काटने के लिए वही सारे कुतर्क रखे गए । जो कभी शरद पवार द्वारा बोले गए । या इस देश के ज्यादा पढ़े लिखे लोगों द्वारा बोले जाते हैं । या देश के पहले प्रधान मंत्री नेहरू द्वारा कहे गए ।
कसाईयो का कुतर्क - 1 गाय जब बूढ़ी हो जाती है । तो बचाने में कोई लाभ नहीं । उसे कत्ल करके बेचना ही 

बढ़िया है । और हम भारत की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं । क्योंकि गाय का मांस export कर रहे हैं ।
कुतर्क - 2 भारत में गाय के चारे की कमी है । भूखी मरे । इससे अच्छा ये है । हम उसका कत्ल करके बेचें ।
कुतर्क - 3 भारत में लोगों को रहने के लिए जमीन नहीं है । गाय को कहाँ रखें ?
कुतर्क - 4 इससे विदेशी मुद्रा मिलती है ।
और सबसे खतरनाक कुतर्क जो कसाइयों की तरफ से दिया गया कि गाय की ह्त्या करना । हमारे धर्म इस्लाम में लिखा हुआ है कि हम गायों की ह्त्या करें this is our religious right
कसाई लोग कौन हैं । आप जानते हैं ? मुसलमानों में एक कुरेशी समाज है । जो सबसे ज्यादा जानवरों की हत्या करता है । उनकी तरफ से ये कुतर्क आये ।
राजीव भाई की तरफ से बिना क्रोध प्रकट किए बहुत ही धैर्य से इन सब कुतर्को का तर्क पूर्वक जवाब दिया ।
उनका पहला कुतर्क गाय का मांस बेचते हैं । तो आमदनी होती है । देशों को । तो राजीव भाई ने सारे आंकड़े सुप्रीम कोर्ट मे रखे कि - एक गाय को जब काट देते हैं । तो उसके शरीर में से कितना मांस निकलता है ? कितना खून निकलता है ? कितनी हड्डियाँ निकलती हैं ?
एक स्वस्थ गाय का वजन 3 से साढ़े तीन क्विंटल होता है । उसे जब काटें । तो उसमें से मात्र 70 किलो मांस निकलता है । एक किलो गाय का मांस जब भारत से export होता है । तो उसकी कीमत है - लगभग 50 रुपए । तो 70 किलो का 50 से गुना को । 70 x 50 = 3500 रुपए ।
खून जो निकलता है । वो लगभग 25 लीटर होता है । जिससे कुल कमाई 1500 से 2000 रुपए होती है ।

फिर हड्डियाँ निकलती हैं । वो भी 30-35 किलो हैं । जो 1000 -1200 के लगभग बिक जाती हैं । तो कुल मिलाकर एक गाय का जब कत्ल करें । और मांस हड्डियाँ खून समेत बेचें । तो सरकार को या कत्ल करने वाले कसाई को 7000 रुपए से ज्यादा नहीं मिलता ।
फिर राजीव भाई द्वारा कोर्ट के सामने उल्टी बात रखी गई । यही गाय को कत्ल न करें । तो क्या मिलता है ? हमने कत्ल किया । तो 7000 मिलेगा । और अगर इसको जिंदा रखे । तो कितना मिलेगा ?
तो उसका calculation ये है ।
एक स्वस्थ गाय एक दिन में 10 किलो गोबर देती है । और ढाई से 3 लीटर मूत्र देती है । गाय के एक किलो गोबर से 33 किलो fertilizer ( खाद ) बनती है । जिसे organic खाद कहते हैं । तो कोर्ट के जज ने कहा how it is possible ?
राजीव भाई द्वारा कहा गया - आप हमें समय दीजिये । और स्थान दीजिये । हम आपको यहीं सिद्ध करके बताते हैं । तो कोर्ट ने आज्ञा दी । तो राजीव भाई ने उनको पूरा करके दिखाया । और कोर्ट से कहा कि आई. आर. सी. के वैज्ञानिक को बुला लो । और टेस्ट करा लो । तो गाय का गोबर कोर्ट ने भेजा टेस्ट करने के लिए । तो वैज्ञानिकों ने कहा कि - इसमें 18 micronutrients ( पोषक तत्व ) है । जो सभी खेत की मिट्टी को चाहिए । जैसे - मैगनीज है । फ़ास्फोरस है । पोटाशियम है । कैल्शियम । आयरन । कोबाल्ट । सिलिकोन आदि आदि । रासायनिक खाद में मुश्किल से तीन होते हैं । तो गाय का खाद रासायनिक खाद से 10 गुना ज्यादा ताकतवर है । तो कोर्ट ने माना ।

राजीव भाई ने कहा - अगर आपके प्रोटोकोल के खिलाफ न जाता हो । तो आप चलिये हमारे साथ । और देखें कहाँ कहाँ हम 1 किलो गोबर से 33 किलो खाद बना रहे हैं । राजीव भाई ने कहा । मेरे अपने गाँव में मैं बनाता हूँ ! मेरे माता पिता दोनों किसान है । पिछले 15 साल से हम गाय के गोबर से ही खेती करते हैं ।
तो 1 किलो गोबर है । तो 33 किलो खाद बनता है । और 1 किलो खाद का जो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भाव है । वो 6 रुपए है । तो रोज 10 किलो गोबर से 330 किलो खाद बनेगी । जिसे 6 रुपए किलो के हिसाब से बेचें । तो 1800 से 2000 रुपए रोज का गाय के गोबर से मिलता है ।
और गाय के गोबर देने मे कोई sunday नहीं होता । weekly off नहीं होता । हर दिन मिलता है । तो साल मे कितना ? 1800 का 365 में गुना कर लो । 1800 x 365 = 657000 रुपए । साल का ।
और गाय की सामान्तयाः उम्र 20 साल है । और वो जीवन के अंतिम दिन तक गोबर देती है । तो 1800 गुना 365 गुना 20 कर लो आप । 1 करोङ से ऊपर तो मिल जाएगा केवल गोबर से ।
और हजारों लाखों वर्ष पहले हमारे शास्त्रों में लिखा है कि - गाय के गोबर में लक्ष्मी जी का वास है । और मैकाले के मानस पुत्र जो आधुनिक शिक्षा से पढ़कर निकले हैं । जिन्हें अपना धर्म संस्कृति सभ्यता सब पाखंड ही लगता है । हमेशा इस बात का मज़ाक उड़ाते हैं कि हा हा हा हा हा गाय के गोबर में लक्ष्मी ।
तो ये उन सबके मुंह पर तमाचा है । क्योंकि ये बात आज सिद्ध होती है कि गाय के गोबर से खेती कर अनाज 

उत्पादन कर धन कमाया जा सकता है । और पूरे भारत का पेट भरा जा सकता है ।
अब बात करते हैं मूत्र की । रोज का 2 सवा दो लीटर । और इससे औषधियाँ बनती हैं ।
diabetes ,की औषधि बनती है । arthritis,की औषधि बनती है ।
bronkitis, bronchial asthma, tuberculosis, osteomyelitis ऐसे करके 48 रोगो की औषधियाँ बनती हैं । और गाय के एक लीटर मूत्र का बाजार में दवा के रूप में कीमत 500 रुपए है । वो भी भारत के बाजार में । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तो इससे भी ज्यादा है । आपको मालूम है ?? अमेरिका में गौ मूत्र patent हैं । और अमरीकी सरकार हर साल भारत से गाय का मूत्र import करती है । और उससे कैंसर की medicine बनाते हैं । diabetes की दवा बनाते हैं । और अमेरिका में गौ मूत्र पर एक दो नहीं तीन patent है । अमेरिकन market के हिसाब से calculate करें । तो 1200 से 1300 रुपए लीटर बैठता है । एक लीटर मूत्र । तो गाय के मूत्र से लगभग रोज की 3000 की आमदनी ।
और एक साल का 3000 x 365 = 1095000
और 20 साल का 300 x 365 x 20 = 21900000 !
इतना तो गाय के गोबर और मूत्र से हो गया । एक साल का ।
और इसी गाय के गोबर से एक गैस निकलती है । जिसे मीथेन कहते हैं । और मीथेन वही गैस है । जिससे आप अपने रसोई घर का सिलंडर चला सकते हैं । और जरूरत पड़ने पर गाड़ी भी चला सकते हैं । 4 पहियों वाली गाड़ी भी ।
जैसे LPG गैस से गाड़ी चलती है । वैसे मीथेन गैस से भी गाड़ी चलती है । तो न्यायाधीश को विश्वास नहीं हुआ । तो राजीव भाई ने कहा - आप अगर आज्ञा दो । तो आपकी कार मे मीथेन गैस का सिलंडर लगवा देते हैं । आप चला के देख लो । उन्होंने आज्ञा दी । और राजीव भाई ने लगवा दिया । और जज साहब ने 3 महीने गाड़ी चलाई । और उन्होंने कहा - its excellent  क्योंकि खर्चा आता है - मात्र 50 से 60 पैसे किलोमीटर । और डीजल से आता है - 4 रुपए किलोमीटर । मीथेन गैस से गाड़ी चले । तो धुआँ बिलकुल नहीं निकलता । डीजल गैस से चले । तो धुआँ ही धुआँ । मीथेन से चलने वाली गाड़ी में शोर बिलकुल नहीं होता । और डीजल से चले । तो इतना शोर होता है । कान फट जाएँ । तो ये सब जज साहब की समझ में आया ।
तो फिर हमने कहा - रोज का 10 किलो गोबर इकठ्ठा करें । तो एक साल में कितनी मीथेन गैस मिलती है ? और 20 साल में कितनी मिलेगी । और भारत में 17 करोड़ गाय हैं । सबका गोबर एक साथ इकठ्ठा करें । और उसका ही इस्तेमाल करें । तो 1 लाख 32 हजार करोड़ की बचत इस देश को होती है । बिना डीजल । बिना पट्रोल के हम पूरा ट्रांसपोर्टेशन इससे चला सकते हैं । अरब देशो से भीख मांगने की जरूरत नहीं । और पेट्रोल डीजल के लिए अमेरिका से डालर खरीदने की जरूरत नहीं । अपना रुपया भी मजबूत ।
तो इतने सारे calculation जब राजीव भाई ने बंब्बाड कर दी । सुप्रीम कोर्ट पर । तो जज ने मान लिया । गाय की हत्या करने से ज्यादा उसको बचाना आर्थिक रूप से लाभकारी है ।
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जब कोर्ट की opinion आई । तो ये मुस्लिम कसाई लोग भड़क गए । उनको लगा कि अब केस उनके हाथ से गया । क्योंकि उन्होंने कहा था कि गाय का कत्ल करो । तो 7000 हजार की इनकम ! और इधर राजीव भाई ने सिद्ध कर दिया । कत्ल ना करो । तो लाखों करोड़ों की इनकम । और फिर उन्होंने अपना trump card खेला । उन्होंने कहा कि गाय का कत्ल करना हमारा धार्मिक अधिकार है this is our religious right  तो राजीव भाई ने कोर्ट में कहा - अगर ये इनका धार्मिक अधिकार है । तो इतिहास में पता करो कि किस किस मुस्लिम राजा ने अपने इस धार्मिक अधिकार का प्रयोग किया ? तो कोर्ट ने कहा - ठीक है । एक कमीशन बैठाओ । हिस्टोरीयन को बुलाओ । और जितने मुस्लिम राजा भारत में हुए । सबकी history निकालो । दस्तावेज़ निकालो । और किस किस राजा ने अपने इस धार्मिक अधिकार का पालन किया ?
तो पुराने दस्तावेज़ जब निकाले गए । तो उससे पता चला कि भारत में जितने भी मुस्लिम राजा हुए । एक ने भी गाय का कत्ल नहीं किया । इसके उल्टा कुछ राजाओं ने गायों के कत्ल के खिलाफ कानून बनाए । उनमें से एक का नाम था - बाबर । बाबर ने अपनी पुस्तक बाबर नामा में लिखवाया है कि - मेरे मरने के बाद भी गाय के कत्ल का कानून जारी रहना चाहिए । तो उसके पुत्र हुमायूँ ने भी उसका पालन किया । और उसके बाद जितने मुगल राजा हुए । सबने इस कानून का पालन किया including ओरंगजेब ।
फिर दक्षिण भारत में एक राजा था - हैदर अली । टीपू सुल्तान का बाप । उनसे एक कानून बनवाया था कि अगर कोई गाय की हत्या करेगा । तो हैदर उसकी गर्दन काट देगा । और हैदर अली ने ऐसे सैकड़ों कसाईयों की गर्दन काटी थी । जिन्होंने गाय को काटा था । फिर हैदर अली का बेटा आया - टीपू सुल्तान । तो उसने इस कानून को थोड़ा हल्का कर दिया । तो उसने कानून बना दिया कि - हाथ काट देना । तो टीपू सु्ल्तान के समय में कोई भी अगर गाय काटता था । तो उसका हाथ काट दिया जाता था ।
तो ये जब दस्तावेज़ कोर्ट के सामने आए । तो राजीव भाई ने जज साहब से कहा कि आप जरा बताईये । अगर इस्लाम में गाय को कत्ल करना धार्मिक अधिकार होता । तो बाबर तो कट्टर इस्लामी था । 5 वक्त की नमाज पढ़ता था । हमायूँ भी था । ओरंगजेब तो सबसे ज्यादा कट्टर था । तो इन्होंने क्यों नहीं गाय का कत्ल करवाया । और क्यों ? गाय का कत्ल रोकने के लिए कानून बनवाए ?? क्यों हैदर अली ने कहा कि वो गाय का कत्ल करने वाले के हाथ काट देगा ??
तो राजीव भाई ने कोर्ट से कहा कि - आप हमें आज्ञा दें । तो हम ये कुरआन शरीफ हदीस आदि जितनी भी पुस्तकें हैं । हम ये कोर्ट में पेश करते हैं । और कहाँ लिखा है - गाय का कत्ल करो । ये जानना चाहतें है । और आपको पता चलेगा कि इस्लाम की कोई भी धार्मिक पुस्तक में नहीं लिखा है कि - गाय का कत्ल करो ।
हदीस में तो लिखा हुआ है कि गाय की रक्षा करो । क्योंकि वो तुम्हारी रक्षा करती है । पैगम्बर मुहम्मद साहब का statement है कि गाय अबोल जानवर है । इसलिए उस पर दया करो । और एक जगह लिखा है । गाय का कत्ल करोगे । तो दोजख में भी जमीन नहीं मिलेगी । मतलब जहन्नुम में भी जमीन नहीं मिलेगी ।
तो राजीव भाई ने कोर्ट से कहा - अगर कुरआन ये कहती है । मुहम्मद साहब ये कहते हैं । हदीस ये कहती है । तो फिर ये गाय का कत्ल कर धार्मिक अधिकार कब से हुआ ?? पूछो इन कसाईयों से ?? तो कसाई बौखला गए । और राजीव भाई ने कहा - अगर मक्का मदीना में भी कोई किताब हो । तो ले आओ उठा के ।
अतः कोर्ट ने उनको 1 महीने का परमीशन दिया कि - जाओ । और दस्तावेज़ ढूंढ के लाओ । जिसमें लिखा हो । गाय का कत्ल करना इस्लाम का मूल अधिकार है । हम मान लेंगे । और एक महीने तक भी कोई दस्तावेज़ नहीं मिला । कोर्ट ने कहा । अब हम ज्यादा समय नहीं दे सकते । और अंततः 26 अक्तूबर 2005 judgement आ गया । और आप चाहें । तो judgement की copy
www. supremecourtcaselaw.com पर जाकर download कर सकते हैं । ये 66 पन्ने का judgement है । सुप्रीम कोर्ट ने एक इतिहास बना दिया । और उन्होंने कहा कि - गाय को काटना संवैधानिक पाप है । धार्मिक पाप है । और सुप्रीम कोर्ट ने कहा - गौ रक्षा करना । सर्वंधन करना देश के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक कर्त्तव्य है । सरकार का तो है ही । नागरिकों का भी संवैधानिक कर्तव्य है । अब तक जो संवैधानिक कर्तव्य थे । जैसे - संविधान का पालन करना । राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना । क्रांतिकारियों का सम्मान करना । देश की एकता अखंडता को बनाए रखना आदि आदि । अब इसमे गौ की रक्षा करना भी जुड़ गया है ।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि - भारत की 34 राज्यों की सरकार की जिम्मेदारी है कि वो गाय का कत्ल अपने अपने राज्य में बंद कराये । और किसी राज्य में गाय का कत्ल होता है । तो उस राज्य के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है । राज्यपाल की जबाबदारी । चीफ सेकेट्री की जिम्मेदारी है । वो अपना काम पूरा नहीं कर रहे हैं । तो ये राज्यों के लिए संवैधानिक जवाबदारी है । और नागरिको के लिए संवैधानिक कर्त्तव्य है ।
अब कानून दो स्तर पर बनाये जाते हैं । एक जो केद्र सरकार बना सकती है । और एक 35 राज्यों की राज्य सरकार बना सकती है । अपने अपने राज्यों में । अगर केंद्र सरकार ही बना दे । तो किसी राज्य सरकार को बनाने की जरूरत नहीं । केंद्र सरकार का कानून पूरे देश मे लागू होगा । तो आप सब केंद्र सरकार पर दबाव बनाये । जब तक केंद्र सरकार नहीं बनाती । तब तक आप अपने अपने राज्य की सरकारों पर दबाव बनाये । दबाव कैसे बनाना है ?
आपको हजारों लाखों की संख्यां में प्रधानमंत्री राष्ट्रपति या राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखना है । और इतना ही कहना है कि 26 अक्तूबर 2005 को जो सुप्रीम कोर्ट का judgment आया है । उसे लागू करो ।
आप अपने आस पड़ोस गली गाँव मुहल्ला शहर में लोगों से बात करनी शुरू करें । उनको गाय का महत्व समझायें । देश के लिए गाय का आर्थिक योगदान बताएं । और प्रधानमंत्री राष्ट्रपति या राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का निवेदन करें । इतना दबाव डालें कि 2014 के चुनाव में लोग उसी सरकार को वोट दें । जो इस सुप्रीम कोर्ट के गौ हत्या के खिलाफ judgement को पूरे देश में लागू करें ।
और अंत उस क्रांतिकारी मंगल पांडे ने इतिहास बना । वो फांसी पर चढ़ गया । लेकिन गाय की चर्बी के कारतूस उसने अपने मुंह से नहीं खोले । और जिस अंग्रेज़ अधिकारी ने उसको मजबूर किया । उसको मंगल पांडे ने गोली मार दी । तो हमने कहा था कि हमारी तो आजादी का इतिहास शुरू होता है गौ रक्षा से ।
आपने पूरी post पढ़ी । बहुत बहुत धन्यवाद ! यहाँ जरूर click कर देखें !
http://www.youtube.com/watch?v=i7xaTCfA7js
अमर बलिदानी राजीव दीक्षित जी की जय !
वन्देमातरम । जय गौ माता ! साभार--एक विद्रोही फ़ेसबुक पेज से ।

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