04 अक्तूबर 2012

when People Say - They Love Me


इस्लाम में परिवार नियोजन को हराम माना गया है । कई मुस्लिमों की 1 से ज्यादा बीवियां होती हैं । हर मुस्लिम कम से कम 8-10 बच्चे पैदा करता है । इनके जनसंख्या विस्फोट से भारत में - गरीबी । महंगाई । बेरोजगारी । भुखमरी । झुग्गियां । जमीन । पानी की किल्लत बढ़ रही है । फ़िर भी मुसलमान जबरदस्त रफ़्तार से आबादी बढ़ा रहें हैं । आजादी के बाद भारत में हिन्दुओं और अन्य धर्मो की आबादी में 3% की वृद्धि हुई है । जबकि मुसलमानों की आबादी ? जो आजादी के वक़्त केवल 3 करोड़ थी । वो आज 25 करोड़ हो गयी है । विस्फोट हिन्दुओं या अन्य समुदायों की आबादी में नहीं । मुसलमानों की आबादी में हुआ है ।
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A small truth to make our Life 100% successful . If - A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z Is equal to: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 Then -
H+A+R+D+W+O+R+K = 8+1+18+4+23+15+18+11 = 98%
K+N+O+W+L+E+D+G+E = 11+14+15+23+12+5+4+7+5 = 96%
L+O+V+E = 12+15+22+5 = 54% L+U+C+K = 12+21+3+11 = 47%
None of them makes 100% Then what makes 100%?
Is it Money ? No . Leadership ?  No .

Every problem has a solution only if we perhaps change our - ATTITUDE .
A+T+T+I+T+U+D+E = 1+20+20+9+20+21+4+5 = 100%
Its therefore OUR ATTITUDE towards Life & Work that makes OUR Life 100% Successful.
ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ
People say they Love  RAIN - but When it Rain . They use an Umbrella .
People say they Love the SUN - but When it Shines . They search for Shades . 
People say they Love the WIND - but When it Blows . They close their Windows . 
Thats why I just  SMILE  when People Say - They Love Me . Smarty

ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ
JOINT PAINS - Joint Pain is a condition which may result from one of several known causes. Usually the results of an injury or sprain, joint pain can results as Osteoarthritis and Rheumatoid Arthritis.Joint pains may cause painful and stiff joints which does not mean you are growing old.these occur due to tear and injury.Joint pain may lead to serious condition like Rheumatoid Arthritis.
JOINT PAINS SYMPTOMS -
1 Pain 2 Stiffness 3 Warmth in your joints 4 Inflammation due to injury.
Joint pains symptoms are usually same as Osteoarthritis and Rheumatoid Arthritis.

JOINT PAIN  TREATMENT AND RELIEF -
Normally the joint pains may occur due to the daily activities,injury,sprain.which can be treated by medication - 1 physical therapy 2 lifestyle changes.
IF THE PAIN CONDITION WORSE CONSULT IMMEDIATELY.
( GIVE UP SMOKING AS SMOKING AFFECT BONES HEALTH )
ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ

1 ग़रीब किसान लड़की थी । जो अलग अलग गावों के लोगों को दूध पहुँचाने का काम करती थी । उन्हीं लोगों मे 1 पुरोहित के घर भी दूध पहुँचाती थी । पुरोहित के घर जाने के लिये ग्वालिन को 1 तेज धार नदी को पार करना पड़ता था । दूसरे लोग उस नदी को 1 छोटी नाव से पार करते थे । उसके बदले लोग नाविक को धन का कुछ भाग दे देते थे । 1 दिन उस ग्वालिन को पुरोहित के घर आने में देर हो गई । पुरोहित जो रोज ताजे दूध से भगवान का अभिषेक करता था । देर हो जाने से उस पर चिल्लाया - अब मैं इससे क्या कर सकता हूँ ?
ग्वालिन ने कहा - रोज की तरह आज भी मैं सुबह ही घर से निकली थी । लेकिन 1 ही नाविक उस नदी में नाव चलाता है । और उसी नाविक के वापस आने के इंतजार करने की वजह से देर हो गई ।
ये सुनकर पुरोहित ने गंभीर मुद्रा धारण करते हुए कहा - लोग तो भगवान का नाम जपते हुये बड़े बङे समुद्र पार कर जाते हैं । और तुम ये छोटी सी नदी पार नही कर सकती ?
ग्वालिन ने पुरोहित की इस बात को बड़ी गंभीरता से लिया । और उस दिन के बाद से पुरोहित को सुबह ठीक समय पर दूध पहुँचाने लगी । इतने सुबह सही समय पर ग्वालिन को आते देख पुरोहित के मन में

उत्सुकता उत्पन्न हुई कि - वो रोज सुबह समय पर कैसे आ जाती है ?
1 दिन वो पुरोहित अपने आपको रोक नही पाया । और उसने ग्वालिन से आते ही पूछा  - अब तो तुम कभी देर नही करती । लगता है । नदी में और भी नाविक आ गये हैं ।
तब वो ग्वालिन बोली - नही पंडित जी ! अब तो मुझे नाविक की कोई ज़रूरत ही नही पड़ती । आपने ही तो उस दिन कहा था - लोग बड़े बङे समुद्र भगवान का नाम जप कर पार कर लेते हैं । और मैं ये छोटी सी नदी पार नही कर सकती । तो बस रोज भगवान का नाम जपते हुए मैं वो छोटी सी नदी अब बस 5 मिनट में पार कर लेती हूँ ।
पुरोहित को उस ग्वालिन की बातों पर विश्वास नहीं हुआ । उसने कहा - तुम उस नदी को कैसे पैदल पार करती हो । ये मुझे दिखा सकती हो ?
तब ग्वालिन और पुरोहित दोनों उस नदी की तरफ चल पड़े । और वो ग्वालिन उस नदी के पानी पर पैदल चलने

लगी । ये देख कर पुरोहित भी उसके पीछे पीछे नदी पर चलने को आगे बढ़ा । लेकिन जैसे ही पैर आगे नदी में बढ़ाया । नदी में गिर पड़ा । तब ग्वालिन ज़ोर से चिल्लाई - आपने भगवान का नाम नहीं लिया । देखो । आपके सारे कपड़े गीले हो गये । ये भगवान में विश्वास नहीं है ।
अगर आप विश्वास नहीं करते । किसी पर । तो आप सब कुछ खो देते हैं । विश्वास अपने आप पर । और विश्वास भगवान पर । यही जीवन का रहस्य हैं । यदि आप सभी 300 और 30 लाख देवताओं में विश्वास है । और अपने आप पर विश्वास नहीं है । तो भी आपका उद्धार नहीं होगा ।
उस पुरोहित ने उस ग्वालिन को जो कहा । उस ग्वालिन ने सच माना । और वैसा ही किया । लेकिन उस पुरोहित को न अपने द्वारा कही गई बातों पर ही विश्वास था । और न ही भगवान पर विश्वास किया ।

ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ
1 ठेकेदार के यहाँ हजारों मजदूर काम करते थे । 1 बार मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी । महीनों हड़ताल चलती रही । नतीजतन मजदूर भूखे मरने लगे । और रोजी रोटी कमाने  दूसरी बस्तियों में चले गये । लेकिन दूसरी बस्तियों के मजदूर इस बस्ती में आ पहुँचे । ठेकेदार ऐसे लोगों की तलाश में रहता था । जो उसके ठेके का काम पूरा कर सकें । अत: 1 दिन वह बस्ती के चौराहे पर आकर खड़ा हो गया । तभी 1 मजदूर कंधे पर कुदाली रखे वहाँ आया । ठेकेदार ने उससे पूछा - क्या मजदूरी लेगा ? मजदूर ने कहा - 12 आने । ठेकेदार ने कहा - अच्छा दूंगा । जाकर मेरे ईंटों के भट्ठे के लिए मिट्टी खोदो । इसके बाद 1 दूसरा मजदूर वहाँ 

आया । ठेकेदार ने उससे भी मजदूरी पूछी । वह बोला - 3 रुपए । ठेकेदार ने उसे खान में कोयला खोदने भेज दिया । तीसरे मजदूर ने बड़े ताव से 10 रुपये मजदूरी बताई । ठेकेदार ने उसे हीरे की खान में भेज दिया । शाम को तीनों मजदूरी लेने पहुँचे । पहले ने 100 टोकरी मिट्टी खोदी । दूसने ने 10 मन कोयला निकाला । और तीसरे को 1 हीरा मिला । तीनों के हाथ पर जब मजदूरी रखी गई । तो पहला मजदूर तीसरे मजदूर के हाथ पर 10 रुपये देखकर नाराज होने लगा । तब ठेकेदार बोला - तुम्हारी मजदूरी तुमने ही तय की थी । जिसमें जितनी शक्ति और इच्छा थी । उसने उतनी मजदूरी बताई । और सभी ने काम भी उसी के अनुरूप किया है । यह सुनकर पहला मजदूर चुप हो गया । सार यह है कि - शक्ति ही जीवन है । दुर्बलता ही मृत्यु है । अत: आशावादी दृढ़ व अनुकूल विचारों को अपनाकर तदनुकूल कर्म करना चाहिए ।

ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ
राहों में निकले तो रास्ता वीरान था । 1 तरफ़ आबादी 1 तरफ़ कब्रिस्तान था ।
हर वीरान कब्र का यही बयान था । देख के चल मुसाफ़िर कभी मैं भी इंसान था ।
ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ
कुछ बौद्धिस्ट हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ते । हिन्दूओं को अपना प्रथम दुश्मन और घोर विरोधी समझ बैठे हैं । इनको हिन्दू धर्म से घिन और इस्लाम ईसाई पर ज्यादा प्यार उमड़ता है ।
लेकिन बौद्धिस्ठ बंधू यह बात समझ लें कि - हिन्दू जब तक । बौद्ध तब तक । अफगानिस्तान में बौद्ध तो मिटे हीं । इस्लामिक लोगों ने बौद्ध मूर्तियों को भी नहीं बख्शा । बंगला देश में इस्लामिक लोगों ने कुछ बात का बतंगड़ बना कर बौद्धिस्टों को जला जला कर मारा । कितना उत्पात मचाया । तुमने क्या उखाड़ लिया उनका ? हिन्दू 

को छोड़ मुल्लों को रिश्तेदार बनाये फिरते हो । हम हिन्दुओं से जाने अनजाने कुछ गलती हो जाये । तो कोहराम मचा देते हो । अब मुल्ले बौद्ध की मूर्ति और बौद्धिस्टों को मिटा रहे हैं । तो गाँधी के बन्दर बने बैठो हो । क्यों ?
ƸӜƷƸӜƷƸӜƷ
Life isn’t about keeping score .It is not about your hair or the colour of your skin, Life isn’t about if you have lots of friends or if you are alone . And its not about how accepted or unaccepted you are .Life is about who you love and who you hurt . Its about how you feel about yourself . Its about trust, happiness and compassion . Its about sticking up for your friends . And replacing inner hate with love . Life is about avoiding jealousy, overcoming ignorance ,and building confidence . Its about what you say and what you mean . Its about seeing people 

for “ who they are ” and not “ what they have ” And most of all, it is about choosing to use your life to . Touch someone else’s in a way that could never have been achieved otherwise - Anonymous
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