12 सितंबर 2012

बोले तो - आपके toothpaste मे नमक है ?


HOW TO SURVIVE A HEART ATTACK WHEN ALONE
Let's say it's 6.15pm and you're going home ( alone of course )
after an unusually hard day on the job. You're really tired, upset and frustrated. Suddenly you start experiencing severe pain in your chest that starts to drag out into your arm and up into your jaw. You are only about five miles from the hospital nearest your home. Unfortunately you don't kno

w if you'll be able to make it that far. You have been trained in CPR, but the guy that taught the course did not tell you how to perform it on yourself..!
NOW HOW TO SURVIVE A HEART ATTACK WHEN ALONE..
Since many people are alone when they suffer a heart attack, without help, the person whose heart is beating improperly and who begins to feel faint, has only about 10 seconds left before losing consciousness.
However, these victims can help themselves by coughing repeatedly and very vigorously.
A deep breath should be taken before each cough, and the cough must be deep and prolonged, as when producing sputum from deep inside the chest.
A breath and a cough must be repeated about every two seconds without let-up until help arrives, or until the heart is felt to be beating normally again.
Deep breaths get oxygen into the lungs and coughing movements squeeze the heart and keep the blood circulating.

The squeezing pressure on the heart also helps it regain normal rhythm. In this way, heart attack victims can get to a hospital.
- Rather than sharing jokes please.. contribute by Sharing this which can save a person's life !
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Sweety Welcome to Sweet Morning...Happy Welcome to Fresh Morning...
Great Welcome to New Morning...Lovely Welcome to Nice Morning...
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In Saudi Arabia, no faith other than Islam is permitted to be practised, although there are nearly a million Christians - nearly all foreign workers - in Saudi Arabia.( 211 )

There are no churches or other non-Muslim houses of worship permitted in the country.( 210 ) Even private prayer services are forbidden in practice and the Saudi religious police reportedly regularly search the homes of Christians.( 211 ) Foreign workers have to observe Ramadan but are not allowed to celebrate Christmas or Easter.( 211 ) Conversion by Muslims to another religion ( apostasy ) carries the death penalty
http://en.wikipedia.org/wiki/Saudi_Arabia
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A husband and wife were at a party chatting with some friends when the subject of marriage counseling came up.
- Oh we'll never need that. My husband and I have a great relationship - the wife explained.
He was a communications major in college, and I majored in theater arts. 
He communicates really well, and I just act as if I'm listening !
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I never felt true love until I was with you, and I never felt true sadness until you left me .
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Health Benefits Of Cabbage - Cabbage is a wonderful cleanser of the internal system and the whole 

body and is also highly antiseptic. 
- It is good for constipation and helps to reduce high blood pressure.
- It is often used in diet programmes as it is said to aid slimming.
- it is also often prescribed to treat respiratory problems such as asthma, coughs, colds and flu.
- People who are prone to sweating should consume some raw cabbage every day.
- Vitamins : A, B, C and E 
Minerals : Calcium, chlorine, iodine, iron, magnesium, phosphorous, potassium and sulphur !
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इस लिंक को देखें -  http://youtu.be/hEcGTkAmgQI

मच्छर मारने के लिए क्वायल के रूप में । टिकिया के रूप में । या तरल रूप में । जो दवा हम इस्तेमाल करते हैं । उसमें कुछ खतरनाक रसायन जैसे D-ethylene  Melphoquin और Phosphene होते हैं । ये तीनों रसायन अमेरिका और यूरोप सहित कुल 56 देशों में 20 साल से प्रतिबंधित है । बच्चों के सामने इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए । वैज्ञानिको का कहना है - ये मच्छर मारने वाली दवायें अंत में मनुष्य को मार देती हैं । राजीव ( दीक्षित ) भाई कहते हैं कि - मच्छरदानी का प्रयोग करना सर्वोत्तम उपाय है । और तरीका है । जिससे मच्छर नहीं आता ।
मच्छर भगाने का सबसे सस्ता । टिकाऊ । आसान और देसी तरीका । चित्र देखें ।
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कई बुद्धिजीवी लोग इस पोस्ट पर आपत्ति जता सकते हैं कि - ये तथ्य सही हैं । या गलत ? बहुत सी चीज़ें ऐसी

होती हैं । जिनके सबूत इंसान आदिकाल से ढूंढ रहा है । लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला । कारण कि ईश्वर के अपने नियम कायदे कानून हैं । जिन्हें एक हद तक ही समझा जा सकता है ।
बाकी इंसान को प्रकृति के नियम कहकर चुप रहने को बाध्य करते है । सच्चाई यह है कि - वो प्रकृति कुछ नहीं । स्वत: ईश्वर ही है ।
वीडियो देखें -  http://www.youtube.com/watch?v=cL4LQGjQq6I
http://www.youtube.com/watch?v=LwjZuPFPwwc
गाय हमारी माँ के समान है । हिन्दू मान्यता के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी देवताओं का स्थान बताया गया है । आज हम पश्चिमी सभ्यता के अंधियारे में ऐसे गुम हो गये हैं । अपनी माँ को काट कर खाने के लिये ख़ास तौर पर विद्या के मंदिर में पार्टी रखते हैं ।

युवाओं आगे आओ । अपनी सभ्यता को जानों । और वापस भारत को सोने का बनाओ । पर इस बार सोने की चिड़िया नहीं । सोने का शेर ।
गौ हत्या क्यों बुरी है ? इसका क्या नुकसान है ? इसका एक आर्थिक पहलू ।
1 अब यूरोपियन लोग चैन से सस्ता मांस खायें । इसके लिए उन्हें हमारे टैक्स से सब्सिड़ी लेकर सस्ता मांस भेजा जा रहा है । और भारत में लाखों बच्चों को दूध नहीं मिलता । क्योंकि गाय की कम संख्या होने की वजह से दूध महंगा होता जा रहा है । लाखों गरीब परिवार दूध खरीद ही नहीं पाते । ये सच्चाई है । कोई कहानी नहीं । लेकिन हमारे अंधे हिन्दू विरोधी मार्क्सवादी कांग्रेस को यह दिखाई कहा देता है ? वो तो बस यही कहकर गौ हत्या करवा रही है कि ये एक सभ्य यूरोपियन

संस्कृति की आदत है । जो हमें अपनानी चाहिये । सीधी सी बात है कि कांग्रेसी दल्ले नफा कमा रहे हैं । बच्चों का लाखों बच्चों का दूध महंगा करवा के ।
2 दूसरी बात । जिस 2 गाय को काटकर 1 व्यक्ति सिर्फ 40 000 रुपये कमाता है । वही व्यक्ति अगर उसी 2 गाय से 5 साल दूध बेचेगा । तो उसे कम से कम 4 00 000 रुपये मिलेंगे । जिससे वो अपने बच्चे को मेट्रिक तक पढ़ा सकता है । यानी कि एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था को बरबाद किया जा रहा है । क्योंकि कुछ हरामखोरों को जल्दी अमीर होना है । वो हरामखोर तो अमीर हो जाते हैं । लेकिन अपने पीछे 10 000 गरीब पैदा कर रहे हैं ।
3 तीसरी बात । यूरोप की जनसंख्या बहुत कम है । हमारे भारत जैसे 120 करोड़ नहीं है । उनकी गौ मांस खाने 

की आदत है । वो खुद ही पूरी नहीं कर पाते है । उन्हें बाहर से इम्पोर्ट करना पड़ता है । अब सोचिये  कि क्या आप ऐसी ही सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भारत में लागू करना चाहते हैं ? कहाँ से आएगा । इतना मांस ? क्या 120 करोड़ लोगों के लिए इतनी गाय पैदा हो सकती हैं ? क्या हम इसी तरह बिना सोचे समझे यूरोप का माडल कापी करेंगे ?
कृपया सब लोग इस बात को समझ लीजिये कि - हम बर्बादी की ओर बढ़ रहे हैं । भारत में कुपोषण का एक बहुत बड़ा कारण ये गौ मांस का एक्सपोर्ट और गौ हत्या है ।
गरीबी की जनक । मूर्खों की पार्टी - कांग्रेस ।
http://www.facebook.com/pages/The-Only-Alive-God-On-Earth-At-This-Time-Is-The-COWs-GAU-save-cows/242011395829795?sk=app_181411457193
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हम लोग ब्रश करते हैं । तो पेस्ट का इस्तेमाल करते हैं । कोलगेट । पेप्सोडेंट । क्लोज अप । सिबाका । फोरहंस आदि का । क्योंकि वो साँस की बदबू दूर करता है । दांतों की सडन को दूर करता है । ऐसा कहा जाता है - प्रचारों में । आप सोचिये कि - जब कोलगेट नहीं था । तब सबके दांत सड़ जाते थे क्या ? और सबके सांस से बदबू आती थी क्या ? अभी कुछ सालों से टेलीविजन ने कहना शुरू कर दिया कि - भाई ! कोलगेट रगडो । तो हमने कोलगेट चालू कर दिया । अब जो नीम का दातुन करते हैं । तो उनको तथाकथित पढ़े लिखे लोग बेवकूफ मानते हैं । और खुद कोलगेट इस्तेमाल 

करते हैं । तो अपने को बुद्धिमान मानते हैं । जबकि है उल्टा । जो नीम का दातुन करते हैं । वो सबसे बुद्धिमान हैं । और जो कोलगेट का प्रयोग करते हैं । वो सबसे बड़े मुर्ख हैं ।
जब यूरोप में घुमा करता था । तो एक बात पता चली कि - यूरोप के लोगों के दाँत सबसे ज्यादा ख़राब हैं । सबसे गंदे दाँत दुनिया में किसी के हैं । तो यूरोप के लोगों के हैं । और वहाँ क्या है कि - हर दूसरा तीसरा आदमी दाँतों का मरीज है । और सबसे ज्यादा संख्या उनके यहाँ दाँतों के डाक्टरों की ही है । अमेरिका में भी यही हाल है । वहाँ एक डाक्टर मुझे मिले । नाम था - डाक्टर जुकर्शन । मैंने पूछा कि - आपके यहाँ दाँतों के इतने मरीज क्यों हैं ? और दाँतों के इतने ज्यादा डाक्टर क्यों हैं ? तो उन्होंने बताया कि - हम दाँतों के मरीज इसलिये हैं कि - हम पेस्ट रगड़ते हैं । तो मैंने कहा कि - तो क्या रगड़ना चाहिये ? तो उन्होंने कहा कि - वो हमारे यहाँ नहीं होती । तुम्हारे यहाँ होती है । तो फिर मैंने 

कहा कि - वो क्या ? तो उन्होंने बताया कि - नीम का दातुन । तो मैंने कहा कि - आप क्या इस्तेमाल करते हैं ? तो उन्होंने कहा कि - नीम का दातुन । और वो तुम्हारे यहाँ से आता है मेरे लिए । यूरोप में लोग नीम के दातुन का महत्व समझते हैं । और हम प्रचार देख कर " कोलगेट का सुरक्षा चक्र " अपना रहे हैं । हमसे बड़ा मुर्ख कौन होगा ? 
कोलगेट बनता कैसे हैं ? आपको मालूम है ? किसी को नहीं मालूम । क्योंकि कोलगेट कंपनी कभी बताती नहीं है कि - उसने इस पेस्ट को बनाया कैसे ? कोलगेट का पेस्ट । दुनिया का सबसे घटिया पेस्ट है । क्यों ? क्योंकि ये जानवरों के हड्डियों के चूरे से बनता है । जानवरों के हड्डियों के चूरे के साथ साथ इसमें एक और खतरनाक चीज मिलाई जाती है । वो है फ्लोराइड । फ्लोराइड नाम उस जहर का है । जो शरीर में फ्लोरोसिस नाम की बीमारी करता है । और भारत के पानी में पहले से ही ज्यादा फ्लोराइड है । तीसरी एक और खतरनाक चीज होती है उसमें । ये है - Sodium Lauryl Sulphate  मैं जब लोगों से पूछता हूँ कि - आप कोलगेट क्यों इस्तेमाल करते हैं ? तो सभी लोगों का कहना होता है कि - इसमें क्वालिटी है । फिर मैं पूछता हूँ कि - क्या क्वालिटी है ? तो कहते हैं कि - इसमें झाग बहुत बनता है । ये पढ़े लिखे लोगों का उत्तर होता है ?? रसायन शास्त्र में एक रसायन होता है - Sodium Lauryl Sulphate  और रसायन शास्त्र के शब्दकोष dictionary में जब आप देखेंगे । तो इस Sodium Lauryl Sulphate के

नाम के आगे लिखा होता है - जहर poison और .05 mg मात्रा शरीर में चली जाये । तो कैंसर कर देता है । और यही केमिकल कोलगेट में मिलाया जाता है । क्योंकि Sodium Lauryl Sulphate  डाले बिना किसी टूथपेस्ट में झाग नहीं बन सकता । टूथपेस्ट और सेविंग क्रीम दोनों में ये Sodium Lauryl Sulphate  डाला जाता है । बस थोडा प्रोसेस में अन्तर होता है । ये झाग इसी केमिकल से बनता है । तकनीकी भाषा में जिसे सिंथेटिक डिटर्जेंट कहा जाता है । वही इन पेस्टों में मिलाया जाता है । यही सिंथेटिक डिटर्जेंट Sodium Lauryl Sulphate  कपडा धोने वाले वाशिंग पावडर और डिटर्जेंट केक में । शैम्पू में । और दाढ़ी बनाने वाले सेविंग क्रीम में भी मिलाया जाता है । दुनिया का सबसे रद्दी पेस्ट हम इस्तेमाल कर रहे हैं । 
धर्म के हिसाब से भी पेस्ट सबसे ख़राब है । सभी पेस्टों में मरे हुए जानवरों की हड्डियाँ मिलायी जाती है । ये कोई भी जानवर हो सकता है ? मैं इशारों में आपको बता रहा हूँ । और आप अगर शाकाहारी है । या जैन धर्म को मानने वाले हैं । तो क्यों अपना धर्म भृष्ट कर रहे हैं ? 

मेरे पास हर कंपनी की लेबोरेटरी रिपोर्ट है कि - कौन कंपनी कौन से जानवर की हड्डी मिलाती है ? और ये प्रयोगशाला में प्रयोग करने के बाद प्रमाणित होने के बाद आपको बता रहे हैं हम ।
और ये कोलगेट नाम का पेस्ट बिक रहा है Indian Dental Association के प्रमाण से । मुझे जरा बताईये कि - कब इस संगठन ने कोई बैठक किया । और कोलगेट के ऊपर प्रस्ताव पारित किया कि - हम कोलगेट को प्रमाणित करते हैं कि - ये भारत में बिकना चाहिये ? लेकिन कोलगेट भारत में बिक रहा है । IDA का नाम बेच कर । IDA लिखा रहता है Upper Case में । और मोटे अक्षरों में । और Accepted लिखा होता है । छोटे अक्षर में । यहाँ भी धोखा है । ये accepted लिखते हैं ना कि certified मुझे तो आश्चर्य होता है कि - भारत में दाँतों के डॉक्टर इसका विरोध क्यों नहीं करते ? कोई डेंटिस्ट खड़ा होकर इस झूठ को झूठ क्यों नहीं कहता ? क्यों नहीं वो कोर्ट में केस करता ? मैं नहीं कर सकता । क्योंकि मैं कोई डेंटिस्ट नहीं हूँ । लेकिन कोई डेंटिस्ट इस बात को सिद्ध कर सकता है । और वो ये भी बता सकता है कि - कोई भी टूथपेस्ट जिसमें 1000 PPM से ज्यादा फ्लोराइड होता है । तो वो सारे के सारे टूथपेस्ट जहर हो जाते हैं । टूथपेस्ट नहीं रहते । मैं अगर ये बात कोर्ट में कहूँ । तो

कोर्ट मेरी बात नहीं मानेगा । कहेगा कि - आपके पास कोई डिग्री है । इससे सम्बंधित । दुर्भाग्य से जिनके पास डिग्री है । वो कोर्ट में जा नहीं रहे हैं । और मेरे जैसे लोग । जिनके पास डिग्री नहीं है । तो कोर्ट में जा नहीं सकते । और खिसिया ( गुस्सा ) कर रह जाते हैं ।
आपको एक और जानकारी देता हूँ । अमेरिका और यूरोप में जब कोलगेट बेचा जाता है । तो उस पर चेतावनी Warning लिखी होती है । लिखते अंग्रेजी में हैं । मैं आपको हिंदी में बताता हूँ । उस पर लिखते हैं - please keep out this Colgate from the reach of the children below 6 years मतलब 6 साल से छोटे बच्चों की पहुँच से इसको दूर रखिये । उसको मत दीजिये । क्यों ? क्योंकि बच्चे उसको चाट लेते हैं 

। और उसमें कैंसर करने वाला केमिकल है । इसलिए कहते हैं कि - बच्चों को मत देना ये पेस्ट । और आगे लिखते हैं - In case of accidental ingestion , please contact nearest poison control center immediately  मतलब । अगर बच्चे ने गलती से चाट लिया । तो जल्दी से डॉक्टर के पास लेकर जाईये । इतना खतरनाक है । और तीसरी बात वो लिखते हैं - If you are an adult then take this paste on your brush in pea size  मतलब क्या है कि - अगर आप व्यस्क हैं । उमृ में बड़े हैं । तो इस पेस्ट को अपने ब्रश पर मटर के दाने के बराबर की मात्रा में लीजिये । और आपने देखा होगा कि - हमारे यहाँ जो प्रचार टेलीविजन पर आता है । उसमे ब्रश भर के इस्तेमाल करते दिखाते हैं । और जानबूझ कर बच्चों से विज्ञापन करवाया जाता है । और ये अमे्रिकन कंपनियों की चाल बाजी है । 1991 में ये टीवी पर विज्ञापन दिखाते थे । आम toothpaste में होता है - नमक । 

लीजिये colgate saltfree और अब बोलते हैं । क्या आपके toothpaste मे नमक है ?
2-3 महीने के बाद लेकर आ गए - colgate max fresh !
2-3 महीने ये बेच कर लोगो को बेवकूफ बनाया । फिर नाम बदल कर ले आये - colgate sensitive  इसे अपने sensitive दाँतो पर मसाज करें ।
और विज्ञापन ऐसा दिखाते हैं । जैसे ये कोई सच में सर्वे कर रहे हैं । हमारे दिमाग में एक मिनट के लिए भी नहीं आता कि - कंपनी ने विज्ञापन देने के लिये लाखो रुपए खर्च किये हैं । तो वो तो अपने जहर को बढ़िया ही बताने वाले हैं ।
2-3 महीने इस नाम से बेचा । अब नाम बदल कर रख दिया है - colgate anti cavity थोड़े दिन इसको बेचेंगे । फिर नाम बदल देंगे ।
हमारे देश में बिकने वाले पेस्ट पर ये warning नहीं होती । जो ये कंपनी अपने देश अमेरिका में लिखती है । हमारे देश में उसकी जगह Directions for use लिखा होता है । और वो बात । जो वो अमेरिका और यूरोप के पेस्ट पर लिखते हैं । वो यहाँ भारत के पेस्ट पर नहीं लिखते । और कोलगेट के डिब्बे पर ISI का निशान भी नहीं होता । इसको Agmark भी नहीं मिला है । क्योंकि ये सबसे रद्दी क्वालिटी का होता है । जो वो अमेरिका और यूरोप के पेस्ट पर लिखते हैं । वो यहाँ भारत के पेस्ट पर नहीं लिखते । अब क्यों होता है ऐसा ? ये आपके मंथन के लिए छोड़ता हूँ । और निर्णय भी आप ही को करना है ।

यहाँ मैं भारत में कार्यरत कोलगेट कंपनी का एक पत्र भी डाल रहा हूँ । जो भाई राकेश जी के इस प्रश्न के उत्तर में था कि - अमेरिका और यूरोप के पेस्ट पर जो चेतावनी आपकी कंपनी छापती है । वो भारत में उपलब्ध अपने पेस्ट के ऊपर क्यों नहीं छापती ? तो उनका ( कंपनी का ) उत्तर कितने छिछले स्तर का था । ये देखिये -
From - consumeraffairs_india@ colpal.com
Date - Tue, May 31, 2011 at 6:04 PM
Subject - In response to your Colgate communication #022844460A
To - prakriti.pune@gmail.com
May 31, 2011
Ref: 022844460A
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Mr. Rakesh Chandra Rakesh . B 13 Everest Heights Behind Joggers
Near Khalsa Dairy . Viman Nagar . Pune 411014 . Maharashtra . India
Dear Mr. Rakesh,

Thank you for contacting Colgate-Palmolive ( India ) Limited.
The labelling requirements of cosmetic preparations like toothpaste in India are governed by the drugs

and cosmetics regulations. We are fully complying with those regulations.In addition, we have incorporated an additional direction ( i.e. Dentists recommend parents supervise brushing with a pea-size amount of toothpaste, discourage swallowing and ensure children spit and rinse afterwards) with a view to guiding the parents of children under 6 years of age using toothpaste."
We greatly value your patronage of Colgate-Palmolive products.
Regards,
COLGATE PALMOLIVE (INDIA) LIMITED
Abilio Dias . Consumer Affairs . Communications 
- http://www.natural-health/- information-centre.com/sodium- lauryl-sulfate.html 
और - http://www.fluoridealert/. org/ toothpaste.html 
इन दोनों लिंक को समय निकाल कर पढने का कष्ट करेंगे । तो आपके लिए अच्छा होगा । आप जिस भी पेस्ट के INGREDIENT में इस केमिकल का नाम देखिये । तो उसे कृपा करके इस्तेमाल मत कीजिये । अपना नहीं । तो अपने बीवी बच्चों का तो ख्याल कीजिये । अगर शादी नहीं हुई है । तो अपने माता पिता का ख्याल तो कीजिये ।
विकल्प -
यहाँ मैं महर्षि वाग्भट ( 3000 साल पहले भारत में हुये एक सन्त 135 वर्ष की उमृ तक जिये ) के " अष्टांग हृदयम " का कुछ हिस्सा जोड़ता हूँ । जिसमें वो कहते हैं कि - दातुन कीजिये । दातुन कैसा ? तो जो स्वाद में 

कसाय हो । कसाय समझते हैं आप ? कसाय मतलब कड़वा । और नीम का दातुन कड़वा ही होता है । और इसीलिए उन्होंने नीम के दातुन की बड़ाई ( प्रशंसा ) की है । उन्होंने नीम से भी अच्छा एक दूसरा दातुन बताया है । वो है मदार का । उसके बाद अन्य दातुन के बारे में उन्होंने बताया है । जिसमें बबूल है । अर्जुन है । आम है । अमरुद है । जामुन है । ऐसे 12 वृक्षों का नाम उन्होंने बताया है । जिनके दातुन आप कर सकते हैं । चैत्र माह से शुरू करके गर्मी भर - नीम । मदार । या बबूल का दातुन करने के लिए उन्होंने बताया है । सर्दियों में उन्होंने - अमरुद या जामुन का दातुन करने को बताया है । बरसात के लिए उन्होंने आम या अर्जुन का दातुन करने को बताया है । आप चाहें । तो साल भर नीम का दातुन इस्तेमाल कर सकते हैं । लेकिन उसमें ध्यान इस बात का रखें कि - 3 महीने लगातार करने के बाद इस नीम के दातुन को कुछ दिन का विश्राम दें । इस अवधि में मंजन कर लें । दन्त मंजन बनाने की आसान विधि उन्होंने बताई है । वो कहते हैं कि - आपके स्थान पर उपलब्ध खाने का तेल ( सरसों का तेल । नारियल का तेल । या जो भी तेल आप खाने में इस्तेमाल करते हों । रिफाइन छोड़ कर ) उपलब्ध लवण मतलब नमक । और हल्दी मिलाकर आप मंजन बनायें । और उसका प्रयोग करें । दातुन जब भारत के सबसे बड़े शहर मुंबई में मिल जाता है । तो भारत का ऐसा कोई भी शहर नहीं होगा । जहाँ ये नहीं मिले ।
साभार - भाई राजीव दीक्षित जी ।
ऐसे और महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए youtube पर rajiv dixit search करें ।
- http://youtu.be/oga46f4op8U ( क्लिक करें )
- http://www.facebook.com/photo.php?fbid=443888012330186&set=a.423625171023137.117768.225421884176801&type=1&theater ( क्लिक करें )
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