09 सितंबर 2012

Girl friend ऐसी होनी चाहिये



राजीव जी ! आपसे मेरा एक सवाल है । संत मत में शा्काहारी भोजन का क्या महत्व है ? धन्यवाद ।
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सुनीता विलियम ने दिखा दिया कि - भारत एक जुगाड़ू देश है । अंतरिक्ष में सुनीता विलियम ने 5500 अरब के स्पेस सेन्टर को 30 रुपये के टूथ ब्रश से ठीक कर दिया । ये हुई ना जुगाड़ ।
http://www.dailymail.co.uk/sciencetech/article-2199883/Out-world-celebration-Astronauts-finally-restore-power-International-Space-Station.html?openGraphAuthor=%2Fhome%2Fsearch.html%3Fs%3D%26authornamef%3DLeslie%2BLarson ( क्लिक करें  )
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5000 साल पुरानी अमरनाथ गुफा का अनसुना रहस्य - जम्मू कश्मीर में स्थित अमरनाथ की गुफा तक की यह यात्रा हर साल आयोजित की जाती है । मान सरोवर यात्रा के समान ही इसका हिंदुओं में विशेष महत्व है । इस साल यह यात्रा 25 जून से शुरू होकर 2 अगस्त को खत्म होगी । वर्ष 1991 से 95 के दौरान आतंकी हमलों की आशंका के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था ।
अमरत्व के राज की साक्षी गुफा - पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस गुफा में भगवान शंकर ने पार्वती को अमरत्व और सृष्टि के सृजन के बारे में बताया था । दरअसल पार्वती लगातार अपने पति से अमरत्व और सृष्टि के निर्माण का राज जानना चाहती थीं । लेकिन भगवान शंकर उस स्थान की तलाश में थे । जहाँ कोई तीसरा व्यक्ति सुन न सके । इसलिए उन्होंने इस गुफा को चुना ।

सात मई से पंजीकरण - अमरनाथ यात्रा के लिए 7 मई से देश भर में पंजीकरण होगा । इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट भी दरकार होगी । जम्मू कश्मीर की 121 यस बैंक की 49 और बिहार के चार सहकारिता बैंकों में भी अमरनाथ यात्रा का पंजीकरण हो सकेगा ।
हेलीकाप्टर सेवा सस्ती - हेलीकाप्टर सेवा सस्ती की गई है । बालटाल - पंचतरनी बालटाल के लिए एक साइड के 1445 रुपए । और पहलगाम पंचतरनी - पहलगाम 2355 रुपए में बुकिंग करवा सकते हैं । 2 से 12 वर्ष के बच्चों को आधा किराया लगेगा ।
महत्वपूर्ण तथ्य -
- 250 यात्री मारे गए थे - वर्ष 1996 में । अमरनाथ यात्रा के दौरान खराब मौसम के कारण । यह अमरनाथ यात्रा

के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदी मानी जाती है ।
- 5000 साल पुरानी है - अमरनाथ गुफा । इसकी खोज एक गड़रिया बूटा मलिक ने की थी । हालांकि एक अन्य किंवदंती के अनुसार भृगु ऋषि ने सबसे पहले वहां शिवलिंगम के दर्शन किए थे ।
- 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है - अमरनाथ गुफा । यह जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से करीब 141 किमी दूर स्थित है ।
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वन्दे मातरम । सुजलां सुफलां मलय़जशीतलाम । शस्यश्यामलां मातरम ।
वन्दे मातरम । शुभृज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम । फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम ।

सुहासिनीं सुमधुरभाषिणीम । सुखदां वरदां मातरम । वन्दे मातरम ।
कोटि कोटि कण्ठ कल कल निनाद करा ले । कोटि कोटि भुजैर्धृत खरकर वाले ।
के बॉले माँ तुमि अबले । बहुबलधारिणीं नमामितारिणीम ।
रिपुदलवारिणीं मातरम । वन्दे मातरम ।  
तुमि विद्या तुमि धर्म । तुमि हृदि तुमि मर्म । त्वं हि प्राणाः शरीरे ।
बाहुते तुमि माँ शक्ति । हृदय़े तुमि माँ भक्ति ।
तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे मन्दिरे । वन्दे मातरम ।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी । कमला कमलदलविहारिणी ।
वाणी विद्यादायिनी । नमामि त्वाम । नमामि कमलां अमलां अतुलाम ।
सुजलां सुफलां मातरम । वन्दे मातरम । श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम ।

धरणीं भरणीं मातरम । वन्दे मातरम ।
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You may be quick on the uptake, efficient, intelligent and focused but everyone may not be like that . Can you give them a slightly longer rope ? Instead of getting angry over such people, try raising their level of awareness and capability and you will soon realize how Herculean a task it is . You’ll then become aware of your own incompetence in raising awareness level of others . Human nature does not change overnight . So, sweet souls, you need enormous patience and willingness to develop the capabilities of other people as it may take considerable time - Spirited Butterfly
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Girl friend ऐसी होनी चाहिये । जिसकी गोद में सर रखो । तो उसका चेहरा नजर ना आये । 
जिसको समझ आया । वो जीनियस । बाकी बच्चे Pogo देखो ।

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I laugh I love I hope I try I hurt I need I fear I cry. And I know you do the same things too . So we're really not that different, me and you - Colin Raye
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Since the beginning of time, people have been trying to change the world so that they can be happy . This hasn’t ever worked, because it approaches the problem backward . What the work gives us is a way to change the projector - mind - rather than the projected . It’s like when there’s a piece of lint on a projector’s lens . We think there’s a flaw on the screen, and we try to change this person and that person, whomever the flaw appears on next . But it’s futile to try to change the projected images . Once we realize where the lint is, we can clear the lens itself . This is the end of suffering, and the beginning of a little joy in paradise - Byron Katie
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What we want is never simple . We move among the things . we thought we wanted: a face, a room, an open book . and these things bear our names - now they want us . But what we want appears . in 

dreams, wearing disguises . We fall past, holding out our arms . and in the morning . our arms ache . We don't remember the dream, but the dream remembers us . It is there all day . as an animal is there . under the table,as the stars are there . even in full sun  - Linda Pastan
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Love has no diminishing value…Do not demean love into a commodity, as if, either you can love me or you can love the other…All of us can bask in the Sun and nothing of the Sun is ever lost…A true lover never hoards, and you can never stop a lover from loving all…How stupid it is to expect a mother to love you and not your siblings??? We can love all and yet the love that fountains from an embodiment of love never diminishes - Spirited Butterfly
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ओंकार सतिनाम करता पुरखु निरभउ निरवैरु । अकाल मूरति अजूनी सैभं गुर प्रसादि ।
अकाल पुरखु ( परमात्मा ) एक है । जिसका नाम " अस्तित्व वाला " है । जो सृष्टि का कर्ता है । जो सब में व्यापक है । भय से रहित है । बैर रहित है । जिसका स्वरुप काल से परे है । भाव - जिसका शरीर नाश रहित है ) जो योनियों में नहीं आता । जिसका प्रकाश अपने आपसे ही हुआ है । तथा जो सच्चे गुरू की कृपा से ही मिलता है ।
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राम झरोखे बैठ के सबका मुजरा लेत । जैसी जाकी चाकरी वैसा वाको देत ।
राम करे सो होय रे मनवा । राम करे सो होये ।
कोमल मन काहे को दुखाये । काहे भरे तोरे नैना । जैसी जाकी करनी होगी । वैसा पड़ेगा भरना ।

काहे धीरज खोये रे मनवा । काहे धीरज खोये । 
पतित पावन नाम है वाको । रख मन में विश्वास । कर्म किये जा अपना रे बंदे । छोड़ दे फल की आस ।
राह दिखाऊँ तोहे रे मनवा । राह दिखाऊँ तोहे ।
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Great God, in public and private, in sanctuary and home, may my life be steeped in prayer, filled with the spirit of grace and supplication, each prayer perfumed with the incense of atoning blood. Help me, defend me, until from praying ground I pass to the realm of unceasing praise. Urged by my need, invited by Thy promises, called by Thy Spirit, I enter Thy 

presence, worshipping Thee with godly fear, awed by Thy majesty, greatness, glory, but encouraged by Thy love
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