16 सितंबर 2012

बस यही एक दास्तां जिंदगी रह गयी


कोयला घोटाले से भी बड़ा घोटाला । लोह अयस्क घोटाला । राजस्थान पत्रिका में छपी एक खबर के अनुसार लोह अयस्क की खदानों के आवंटन में भी कोल ब्लाक आवंटन की ही तरह बन्दर बाँट हुई है ।.कांग्रेस यूं पी ऐ सरकार ने 2004 से 2011 के बीच लोह अयस्क की 46 खदानों का आवंटन किया । उनमें से अधिकतर खदानें उन्ही कम्पनीज को आवंटित की गयी । जिन्हें कोल ब्लाक का भी आवंटन किया गया था । इसमें सरकारी खजाने की लूट कोल ब्लाक आवंटन में हुई । लूट से भी अधिक मानी जा रही है ।
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It is Yoga time guys . Yoga is most effective and Natural way to stay fit n healthy .
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Lets take interview -
Interviewer - Let me check your english, tell me the opposite of good ?
Pappu - Bad.
Interviewer - Come
Pappu - Go.
Interviewer - Ugly ?
Pappu - पिछली ।
Interviewer - पिछली ?
Pappu - UGLY.

Interviewer - Shut Up.
Pappu - Keep talking.
Interviewer - Ok, now stop all this
Pappu - Ok, now carry on all this.
Interviewer - अबे चुप हो जा । चुप हो जा । चुप हो जा ।
Pappu - अबे बोलता जा । बोलता जा । बोलता जा । 
Interviewer - अरे यार ।  
Pappu - अरे दुश्मन ।  
Interviewer - Get Out
Pappu - Come In.
Interviewer - Oh my God.
Pappu - Oh, my devil.
Interviewer - shhhhhhh
Pappu - Hurrrrrrrrrrrrrrr
Interviewer - मेरे बाप ! चुप हो जा ।
Pappu - मेरे बेटे ! बोलता रह ।  
Interviewer - U are rejected
Pappu - I m selected. ओये बोलो तारा रा रा रा । 
By Piyuesh
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Touch my heart & u will feel, Listen to my heart & u will hear, Look into my heart
& u will see that U will alwayz be, a special part of me ♥♥

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Haemolacria - Haemolacria is a physical condition that causes a person to produce tears that are composed of blood. This rare phenomenon is rare, and has no specific cause but is more likely for fertile women to get it and seems to be induced by hormones. Haemolacria can also be a symptom of other diseases. For example, it can mean a tumor in the lacrimal apparatus, or other factors such as bacterial conjunctivitis.
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The hardest moment is not when tears flow from your eyes . It's When you have to hide the tears in your eyes with a Aman ♥‿♥

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कोयला घोटाले में आया सोनिया के सचिव का नाम । मनमोहन सिंह ने सोनिया के सामने किया खुलासा ।
सोनिया के सचिव अहमद पटेल है । कोयला घोटाले के असली गुनहगार । मनमोहन का सोनिया को जबाब । सोनिया के सचिव के कहने पर हुआ था । कोयला ब्लाकों का आबंटन - मनमोहन सिंह । 
सामने आयी मनमोहन की खामोशी बाले शेर की हकीकत । सोनिया के सामने तोड़ी खामोशी । बताया कि असली गुनहगार बो नहीं । बल्कि सोनिया के सचिव अहमद पटेल हैं ।.
- चौकिये मत इन बातों पर । इसका खुलासा किया है । मुम्बई मिरर नाम के समाचार पत्र ने अपने 15-09-2012 के अंक में । जिसका मीडिया लिंक नीचे दिया गया है ।
- मैने कोयला घोटाले में कुछ नही किया । सारा खेल तो आपके सचिव अहमद पटेल का था ।  मनमोहन का सोनिया को जबाब । 
मीडिया में आयी खबरों के अनुसार 31 अगस्त को ईरान यात्रा से बापस आकर मनमोहन सिंह ने कोयला घोटाले के मुद्दे पर सोनिया गांधी से मुलाकात की थी । और उनको बताया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने कोयला ब्लाकों के आवंटन सोनिया के राजनैतिक सचिव अहमद पटेल की सिफारिश पर किये थे ।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा सोनिया गांधी के सामने उनके राजनैतिक सचिव अहमद पटेल के बारे में बोले गए ये शब्द मनमोहन का अब तक का सबसे बोल्ड कदम है ।

अहमद पटेल सोनिया गांधी के सबसे करीवी लोगों में शामिल होने के साथ साथ उनके राजनैतिक सचिव है । जिनकी ताकत और हनक इतनी कि प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर साधारण कांग्रेसी नेता भी उनकी हैसियत के आगे थर थर काँपता है ।
कोयला घोटाले से अपना दामन बचाते हुए मनमोहन ने सोनिया के सामने स्पष्ट किया कि - कोयला ब्लाक आबंटन में ना तो उनकी कोई ब्यक्तिगत रूचि थी । ना ही उन्होंने ये निर्धारित किया कि कोयला ब्लाक आबंटन से किसको फायदा होगा ? इस प्रकार मनमोहन ने कोयला घोटाले की आंच को सोनिया के आँगन तक पहुचा दिया । जिसमें उनका इशारा खुद मैडम सोनिया के राजनैतिक सचिव की ओर रहा । मनमोहन ने सोनिया को यह भी बताया कि उनके प्रिंसिपल सेक्रेटरी टी.के. ए.नायर ने 

कोयला ब्लाक आबंटन में अहमद पटेल की इच्छा के अनुसार उनकी सिफारिशों को ही अंजाम दिया था ।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमन्त्री की सोनिया के साथ ये मीटिंग भाजपा नेता सुषमा स्वराज के उस आरोप के बाद हुई । जिसमे उन्होंने कांग्रेस पर कोयला घोटाले में ’’ मोटा माल खाने ‘’ का आरोप लगाया था । ध्यान देने योग्य है कि - संसद में भाजपा नेता सुषमा स्वराज के बयान और आरोप के बाद ही मनमोहन सिंह ने एक शेर पढ़ा था - हजारों जबाबों से अच्छी है मेरी ख़ामोशी ।,ना जाने कितने सबालों की आबरू रखी ।
मनमोहन सोनिया की मुलाक़ात और उस मुलाक़ात में मनमोहन सिंह द्वारा कोयला ब्लाक आबंटन में सोनिया के सचिव अहमद पटेल के हस्तक्षेप ब सिफारि्श की बात के घटनाकृम के बाद सोनिया ने राहुल गांघी सहित कांग्रेस के पुराने बफादार नेताओं के साथ 

मीटिंग की थी । जिसमें एम एल फोतेदार । आर के धवन । सुमन दुवे शामिल हुए थे ।
सूत्र बताते हैं कि सोनिया के साथ मीटिंग में अहमद पटेल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के सपाट जबाब ने सोनिया सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को सन्नाटे में ला दिया था ।  क्योंकि अहमद पटेल की ताकत । और उनकी कार्य प्रणाली का सच । उस मीटिंग में सोनिया सहित उनके बफादारो के सामने मनमोहन ने खुले आम जाहिर कर दिया था । प्रधानमन्त्री ने सोनिया को बताया कि - जुलाई 2004 से 2011 तक एलाट किये गए 142 कोयला ब्लाकों में से आधे आवंटनो पर कैग रिपोर्ट में भी ऊँगली उठायी है । और कुल एलाट किये गए 142 कोयला ब्लाकों में से 75 कोयला ब्लाक निजी पार्टियों को जारी किये । जबकि सरकारी छेत्र को केबल 67 कोयला ब्लाक ही आबंटित किये गए थे ।
इस खबर को बिस्तार से पढ़ने के लिये " मुम्बई मिरर " के मीडिया लिंक को देखें ।
http://www.mumbaimirror.com/article/15/2012091520120915175521639d4720f77/Wasn%E2%80%99t-me-coaltainted-PM-names-Ahmed-Patel.html 
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बैजनाथ के तट पर एक छोटा सा शहर है - गोमती नदीबागेश्वर । जिला उत्तराखंड जगह सबसे अपने प्राचीन मंदिरों के लिए विख्यात है ।
इतिहास - बैजनाथ की राजधानी बनी हुई है - कत्युरी राजा । 7 से 11 वीं शताब्दी से क्षेत्र पर शासन किया । जो तब के रूप में जाना जाता था - कर्तिकेयापुरा । और " कत्युर " घाटी के केंद्र में स्थित है । यह
1901 में है । 148 की आबादी के साथ एक छोटा सा गांव था ।
नदी के तट पर एक प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर ( भगवान शिव ) है । जो 1150 ई. के आसपास में कुमाऊं कत्युरी राजा के द्वारा बनाया गया है । कहा जाता है । और यह राजाओं के कत्युरी राजवंश जो 12 वीं और 13 वीं सदी के दौरान उत्तरांचल शासन की राजधानी थी । बैजनाथ एक बार कर्तिक्यपुरा के रूप में जाना जाता था ।
बैजनाथ में यात्रा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण बैजनाथ मंदिर 12 वीं सदी में निर्मित है । मंदिर महत्व रखता है । क्योंकि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव और पार्वती नदी गोमती और गरूर गंगा के संगम पर शादी कर रहे थे । मंदिर
सिवावैद्यानाथा  प्रभु के चिकित्सकों के लिए समर्पित है । वास्तव में एक मंदिर शिव । गणेश । पार्वती । चंडिका

। कुबेर । सूर्य और बृह्मा की मूर्तियों के साथ कत्युरी राजाओं द्वारा निर्मित जटिल है । इसके अलावा बैजनाथ के शहर मंदिर से अपने नाम ड्रॉ. 1126 मीटर की ऊंचाई पर गोमती नदी के बाएं किनारे पर स्थित मंदिरों में पत्थर में निर्माण कर रहे हैं ।
मुख्य मंदिर है कि पार्वती की सुंदर मूर्ति घरों काले पत्थर में गढ़े है । मंदिर नदी के किनारे से एक कत्युरी रानी के आदेश द्वारा निर्मित पत्थर से बना चरणों की एक उड़ान से संपर्क किया है । मुख्य मंदिर के रास्ते में महंत के घर के ठीक नीचे Bamani का मंदिर है । लीजेंड जाता है कि इस मंदिर में एक ब्राह्मण महिला द्वारा बनाया गया था । और भगवान शिव को समर्पित है ।
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जुबान खामोश आँखों में बस नमी रह गयी ।  बस यही एक दास्तां ए जिंदगी रह गयी ।
भरने को गर हर जख्म भर भी गये । कैसे भरेगी वो जगह जो आपके जाने से खाली रह गई ?
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How many Gulab Jamun lovers we have ?
Gulab Jamun is made of a dough consisting mainly of milk solids. Traditionally, khoya, an Indian milk product (buffalo milk) is rolled into a ball together with some flour and then deep fried, but at a low temperature of about 148°C.

It is then put into a sugar syrup flavored with cardamom seeds and rosewater, kewra or saffron. These days, gulab jamun powder is also commercially available, so the dessert can be prepared easily. Gulab jamun is common at weddings.
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