01 अगस्त 2012

उनका विश्वास सूफियों पर है अल्लाह पर नहीं


इस्लाम में जातिवाद के कुछ कड़वे तथ्य आपके सामने रखने जा रहा हूँ ।
1 जब से इस्लाम मज़हब बना है । तभी से “शिया और सुन्नी” मुस्लिम एक दूसरे की जान के दुश्मन हैं । यह लोग आपस में लड़ते मरते रहते हैं ।
2 अहमदिया । सलमानी । शेख । क़ाज़ी । मुहम्मदिया । पठान आदि मुस्लिमों की जातियां हैं । और हँसी की बात । यह 1 ही अल्लाह को मानने वाले । 1 ही मस्जिद में नमाज़ नहीं पढते । सभी जातियों के लिए अलग अलग मस्जिदें होती हैं ।
3 सउदी अरब । अरब अमीरात । ओमान । कतर आदि अन्य अरब राष्ट्रों के मुस्लिम पाकिस्तान । भारत और बांग्ला देशी मुस्लिमों से छुआछूत मानते हैं । सउदी अरब में ऑफिसो में भारत पाक के मुसलमानों के लिए अलग पानी रखा रखता है ।
4 शेख अपने आपको सबसे ऊपर मानते हैं । और वे किसी अन्य जाति में निकाह नहीं करते ।
5 इंडोनेशिया में 100 वर्षों पूर्व अनेकों बौद्ध और हिंदू परिवर्तित होकर मुस्लिम बने थे । इसी कारण से
सभी इस्लामिक राष्ट्र  इंडोनेशिया से घृणा की भावना रखते हैं ।
6 क़ाज़ी मुस्लिम भारतीय मुस्लिमों को मुस्लिम ही नहीं 


मानते । क्योंकि उनका मानना है कि - यह सब भी हिंदू धर्म से परिवर्तित हैं ।
7 अफ्रीका महाद्वीप के सभी इस्लामिक राष्ट्र जैसे - मोरक्को । मिस्र । अल्जीरिया । निजेर । लीबिया आदि राष्टों के मुस्लिमों को तुर्की के मुस्लिम सबसे निम्न मानते हैं ।
8 सोमालिया जैसे गरीब इस्लामिक राष्ट्रों में अपने बुजुर्गों को जीवित समुद्र में बहाने की प्रथा चल
रही है ।
9 भारत के ही बोहरा मुस्लिम किसी भी मस्जिद में नहीं जाते । वो मात्र मज़ारों पर जाते हैं । उनका विश्वास सूफियों पर है । अल्लाह पर नहीं ।
10 मुसलमान 2 मुख्य सामाजिक विभाग मानते हैं -
1 अशरफ अथवा शरु और 2 अज़लफ । अशरफ से तात्पर्य है - कुलीन । और शेष अन्य मुसलमान जिनमें व्यावसायिक वर्ग और निचली जातियों के मुसलमान शामिल हैं । उन्हें अज़लफ अर्थात नीचा अथवा निकृष्ट

व्यक्ति माना जाता है । उन्हें कमीना अथवा इतर कमीन या रासिल । जो रिजाल का भृष्ट रूप है । बेकार कहा जाता है ।
कुछ स्थानों पर 1 तीसरा वर्ग 'अरज़ल' भी है । जिसमें आने वाले व्यक्ति सबसे नीच समझे जाते हैं ।
उनके साथ कोई भी अन्य मुसलमान मिलेगा जुलेगा नहीं । और न उन्हें मस्जिद और सार्वजनिक
कब्रिस्तानों में प्रवेश करने दिया जाता है ।
1 अशरफ अथवा उच्च वर्ग के मुसलमान ( प ) सैयद ( पप ) शेख ( पपप ) पठान ( पअ ) मुगल ( अ ) मलिक और ( अप ) मिर्ज़ा ।


2 अज़लफ अथवा निम्न वर्ग के मुसलमान । 1 खेती करने वाले शेख । और अन्य वे लोग जो मूलतः हिन्दू थे । किन्तु किसी बुद्धिजीवी वर्ग से सम्बन्धित नहीं हैं । और जिन्हें अशरफ समुदाय अर्थात पिराली और ठकराई आदि में प्रवेश नहीं मिला है ।
2 दर्जी । जुलाहा । फकीर । और रंगरेज । 3 बाढ़ी । भटियारा । चिक । चूड़ीहार । दाई ।
धावा । धुनिया । गड्डी । कलाल । कसाई । कुला । कुंजरा । लहेरी । माही फरोश । मल्लाह । नालिया । निकारी ।
4 अब्दाल । बाको । बेडिया । भाट । चंबा । डफाली । धोबी । हज्जाम । मुचो । नगारची । नट । पनवाड़िया । मदारिया । तुन्तिया ।
3 अरजल अथवा निकृष्ट वर्ग - भानार । हलाल खोदर । हिजड़ा । कसंबी । लाल बेगी । मोगता । मेहतर ।
अल्लाह 1 । 1 कुरान । 1 ..नबी । और महान एकता.. बतलाते हैं ?
जबकि मुसलमानों के बीच शिया और सुन्नी सभी मुस्लिम देशों में एक दूसरे को मार रहे हैं ।
और अधिकांश मुस्लिम देशों में..इन 2 संप्रदायों के बीच हमेशा धार्मिक दंगा होता रहता है ।
इतना ही नहीं । शिया को सुन्नी मस्जिद में जाना मना है ।
इन दोनों को अहमदिया मस्जिद में नहीं जाना है ।


और ये तीनों सूफी मस्जिद में कभी नहीं जायेंगे ।
फिर इन चारों का मुजाहिद्दीन मस्जिद में प्रवेश वर्जित है ।
किसी बोहरा मस्जिद में कोई दूसरा मुस्लिम नहीं जा सकता ।
कोई बोहरा का किसी दूसरे के मस्जिद में जाना वर्जित है ।
आगा खानी या चेलिया मुस्लिम का अपना अलग मस्जिद होता है ।
सबसे ज्यादा मुस्लिम किसी दूसरे देश में नही । बल्कि मुस्लिम देशो में ही मारे गए है ।
आज भी सीरिया में करीब हर रोज 1000 मुस्लिम हर रोज मारे जा रहे है ।
अपने आपको इस्लाम जगत का हीरो बताने वाले सद्दाम हुसैन ने करीब 1 00 000 कुर्द मुसलमानों को रासायनिक बम से मार डाला था ।
पाकिस्तान में हर महीने शिया और सुन्नी के बीच दंगे भड़कते हैं ।
और इसी प्रकार से मुस्लिमों में भी 13 तरह के मुस्लिम हैं । जो एक दुसरे के खून के प्यासे रहते हैं । और आपस में बमबारी और मार काट वगैरह मचाते रहते हैं ।
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अब आइये । जरा हम अपने हिन्दू/सनातन धर्म को भी देखते हैं ।
हमारी 1280 धार्मिक पुस्तकें हैं । जिसकी 10 000 से भी ज्यादा टिप्पणियां । और 1 00 000 से भी अधिक उप टिप्पणियाँ मौजूद हैं । 1 भगवान के अनगिनत प्रस्तुतियों की विविधता । अनेकों आचार्य तथा हजारों ऋषि मुनि हैं । जिन्होंने अनेक भाषाओं में उपदेश दिया है ।
फिर भी हम सभी मंदिरों में जाते हैं । इतना ही नहीं । हम इतने शांतिपूर्ण और सहिष्णु लोग हैं कि - सब लोग 1 साथ मिलकर सभी मंदिरों और सभी भगवानों की पूजा करते हैं ।
और तो और । पिछले 10 000 साल में धर्म के नाम पर हिंदुओं में कभी झगड़ा नहीं हुआ ।
इसलिए इन लोगों की नौटंकी और बहकावे पर मत जाओ । और गर्व से कहो - हम हिन्दू हैं ।
जय महाकाल ।
साभार - Hindu Rashtra  ( हिन्दू राष्ट्र )
http://www.facebook.com/HinduHindu/posts/312163535546899 ( क्लिक करें )

अरविन्द की तबियत लगातार खराब हो रही है । भीषण शुगर की बीमारी । और भूख का आठंवा दिन । मंच के पास । जिस टीन के नीचे वो पड़ा है । उसके तख्त के आसपास पानी भर गया है । आश्चर्य होता है कि - क्या ये वही आदमी है । जो कभी IIT से पढ़ कर जोइंट कमिश्नर था । इनकम टेक्स विभाग में ? ख़बर है कि - सरकार उसे आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करके आधी रात उठाना चाहती है । ये भी शक है कि उसका हश्र भी जयप्रकाश नारायण वाले "सरकारी इलाज़" फार्मूले से कर दिया जाए । मुश्किल से उठ कर 


उसने मंच पर आकर कहा कि -  सरकार समझ ले कि मैं बलिदान देने आया हूँ । आत्महत्या करने नहीं । पर वो लड़ाई नहीं छोड़ेगा । भारत के सभी - चर्चा चक्रवर्ती । बुद्धिजीवी । इस निहायत प्रबल बेवकूफी के खिलाफ आमंत्रित हैं । ढोंग । नाटक । BJP संघ का हाथ । NGO का विदेशी एजेंडा । प्रसिद्धि पाने का तरीका । आदि फेसबुकी विचार आमंत्रित हैं । ऐसे पागलों को गालियाँ मिलनी ही चाहिए । जो दूसरों के भविष्य के लिए अपनी ज़िन्दगी दांव पर लगाते हों । जीवन में कितना सुख है । मॉल हैं । फेसबुक है । फिल्म है । इश्क है । सैर सपाटा है । ऑसम मौसम है । और ये अजीब बेवकूफ हैं । मार जुटे पड़े हैं । सबका सुकून ख़राब करने । देश भर में अँधेरा है । तो क्या हुआ ? सब ठीक हो जायेगा । हो तो रहा है । बस 100-200 साल ही तो लूट पाएंगे । ये सब नेता वेता । चूँकि मुझे भी इस बेवकूफी की लाइलाज लत है । सो उन सब महान चिंतको की घर से ही प्रेषित गालियाँ सादर स्वीकार । जय हिंद !
साभार - डा. कुमार विश्वास
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