01 अगस्त 2011

शाहरूख ही असली हीरो है - नोना सिंह

याहहहहहहह हहहहहह हहहहहह हूउउ 
उउउ उउउउउउउउउउउउऊ राजीव जी ! मैं नोना सिंह । फ़िर आ गयी । और साथ लायी हूँ - किंग खान को । बालीवुड के बादशाह को । जिसके सामने हर नया पुराना । छोटा लम्बा । नायक या महानायक सब जीरो है । शाहरूख ही असली हीरो है ।
राजीव जी ! आज आप 1 अनसुलझी पहेली को सुलझा दीजिये । मै अपने बचपन से " येति " नाम के प्राणी के बारे मे सुनती आयी हूँ । कहते हैं । कोई हिममानव जैसा लम्बा चौडा प्राणी हिमालय श्रंखला के पर्वतों में रहता है । वहाँ पुराने जमाने से बडे बडे आदमीनुमा जानवर के पैर के निशान देखे जाते रहे हैं । कहते है । येति 1 अजीब सा बिल्कुल सफ़ेद भालू या बन्दर ( पता नहीं असल में क्या ) जैसा आदमी है ।
पता नहीं जानवर है । क्या है ? लेकिन मैंने सोचा कि ये हिममानव अगर सच में हुआ । तो ये हिम पर्वतों पर खाता क्या होगा । सिर्फ़ - बर्फ़ ? वहाँ तो आक्सीजन की भी कमी होगी । आप इस येति नेति की गुत्थी को सुलझा दीजिये ।
दूसरी बात मैंने कुछ दिन पहले किसी प्रोग्राम में कनाडा में कुछ साल पहले लोगों ने देखे " लिजर्ड मैन " ( गिरगिट 


या छिपकली जैसा छोटे कद का इंसान ) के बारे में भी सुना था । जिसका खौफ़ कनाडा के किसी कम आबादी ( जहाँ आसपास जंगल हो ) वाले एरिया में सुनने में आया । लेकिन कोई उसकी फोटो नहीं खींच पाया ।
तीसरी बात स्काटलेण्ड में बहुत बडी और गहरी झील है । जिसका नाम है - लाकनेस । ये झील इस प्रथ्वी की सबसे बडी और गहरी झीलों मे से 1 है । इसका पानी भी कहते हैं कि अच्छा है । इस झील के साथ कुछ सैकडों साल पुरानी मिथ जुडी हुई है । कहते है । इस झील में 1 बहुत ही विशालकाय जीव रहता है । लगभग व्हेल मछली के आकार का । लेकिन शकल 

सूरत डाइनासोर जैसी है । इस बारे में भी न तो कोई ठीक से हाँ बोल रहा है । और न ही कोई ठीक से न बोल पा रहा है ।
लास्ट सवाल - चीन में ड्रेगन शब्द बहुत प्रचलित है । आपको पता ही होगा कि ड्रेगन चीन की लोक गाथाओं से जुडा हुआ है । लेकिन इन बातों के पीछे क्या कुछ सच्चाई है ? कोई भी इस जैसी बातों के बारे में ठीक से नहीं बता पा रहा । न तो कोई दावे से हाँ बोल पा रहा है । और न ही कोई पूरी तरह से नकार पा रहा है ।
जाते जाते 1 बात और याद आ गयी । किंगकांग के बारे में भी कहानियाँ और फ़िल्में बनी हैं । जरा थोडा सा कष्ट करते हुये किंगकांग की पोल भी खोल दीजिये । अब तो मैं आपके ब्लाग पर चोरी छिपे किंग खान को भी ले आयी हूँ । यय्य्य्ककक्क्क्क्क्क्क्क्कूउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ

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नोना जी आपकी ये बाइक भी जाने कहाँ कहाँ घूमती रहती हैं । चिंता इस बात की है । बङे खतरनाक ( मेल के अनुसार ) स्थानों पर घूमती है । सावधानी बरतियेगा ।
आपकी सभी बातों का उत्तर एक ही है । इनमें आधा सच और आधा झूठ है ।
हिममानव । लिजर्ड मेन । रहस्यमय जीव ये सभी कोई अनोखे जीव नहीं हैं । और रहस्यमय जीव भी नहीं हैं ।
योग में एक बङी ऊँची विध्या " सम्विद विध्या " के नाम से होती है । इसके नाम के बारे में मैं थोङा कनफ़्यूज हूँ । हो सकता है । इसको सम्विद्ध या समनिधि

भी कहा जाता हो । ये विध्या पूर्ण रूप में श्रीकृष्ण के पास थी । और कुछ अंशो में अन्य बहुत से सिद्ध योगियों के पास भी होती है ।
इस विध्या के सिद्ध इच्छानुसार अदृश्य ( जीवन समाप्त होने पर । या जीवनकाल में भी ) रूप में रहते हैं ।
और कभी इच्छानुसार किसी भी तरह के शरीर को धारण कर प्रकट हो जाते हैं । अधिक उच्च स्थिति वाले योगी एक ही समय में दो या अधिक स्थानों पर एक साथ देखे जा सकते हैं । देखे गये हैं । यानी वे एक साथ कई शरीर बना सकते हैं । सिर्फ़ वहम का इलाज नहीं - और बाकी हर रोग का सफ़ल इलाज जानने वाले प्रसिद्ध हकीम लुकमान ने अपने 11 हूबहू क्लोन बनाये थे । इतने हूबहू कि मृत्यु समय पर कई बार उन्हें लेने आये यमदूत तक धोखा 


खाकर खाली हाथ लौट गये ।
श्रीकृष्ण कई बार अलग अलग गोपियों के साथ एक ही समय में देखे गये । वे गाय बछङा आदि शरीर भी बना लेते थे । उन्हें मारने गये राक्षस सुन्दर और भयानक रूप में कई बार बहुरूपा देखे गये । मेघनाथ ने नकली माया सीता ही बना दी थी । जो सीता रावण द्वारा हरी गयी । वह भी माया सीता ही थी । देवता भी इस प्रकार बहुरूप धारण कर सकते हैं । कुछ प्रेत शक्तियों में भी आभासी शरीर धारण करने की क्षमता होती है ।
अतः जितने भी इस प्रकार के आश्चर्य देखे गये हैं । उनमें इसी प्रकार की सच्चाई निहित है । केवल गोरिल्ला मेन किंगकांग वाकई जमीनी सच्चाई है । गोरिल्ला आदि कुछ जीव एकदम मानव स्वभाव के निकट और वैसी गतिविधियाँ भी करते देखे गयें हैं ।

जैसे कुत्ते और बिल्ली में बहुत अधिक अत्रप्त सेक्स भावना होती है । और अगर किसी भी आवारा कुत्ते को वाच किया जाये । तो उन्हें सभी को समयानुसार सेक्स की प्राप्ति नहीं होती । और वे इसी कारण रोते हैं । इंसानों के अधिक नजदीक रहने वाले पालतू कुत्ते फ़ीमेल्स के प्रति ऐसी भावना का इजहार अपने अन्दाज में करते कई बार देखे गये हैं । जिस प्रकार भयंकर जहरीला सर्प अपने ही विष की गर्मी से परेशान शीतल ठंडे स्थानों पर जाता है ।
एक गोरिल्ला द्वारा किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की पत्नी का अपहरण कर लेना तो काफ़ी चर्चित मामला है ।
सम्विद विध्या का जीता जागता उपस्थिति योगी अभी मेरे वर्तमान निवास से डेढ किमी दूर यमुना के पास मन्दिर में रहता है । यह नागा बाबा है । 

और सबसे पहले ( लगभग 50 साल पहले ) यह इस क्षेत्र में आया था । तब इसने यमुना की तलहटी में मन्दिर बनाया था । और वहीं तपस्या करता था ।
बाद में इसकी सिद्धियाँ जागृत होने लगी । और दूर दूर से लोग इसके दर्शन हेतु आने लगे । यहाँ के लोग बताते हैं कि तब पूर्ण नग्न अवस्था में रहने के बाद भी धनी और सभ्रांत घर की महिलायें इसके पैर दबाते सेवा करते देखी गयीं । ये नागा बाबा एक समय में दो दो स्थानों पर एक साथ देखा गया । वो भी लगभग आठ किमी के फ़ासले पर । इसलिये ये भी नहीं कह सकते कि जल्दी ही दूसरे स्थान पर आ जाने से किसी को भृम हुआ हो ।
उसी समय इसे अहम हुआ । या इसने अपने ग्यान का कोई दुरुपयोग किया । या अन्य कोई बात । इसकी सिद्धि खण्डित हो गयी । और इसके साथ ही यमुना में बना इसका मन्दिर भी टूटकर खण्डित हो गया । इसके बाद ये बाबा पागलों जैसा व्यवहार करने लगा । और गन्दी गन्दी गालियाँ बकने लगा । जो बदस्तूर आज भी जारी है । फ़िर यह गाँव से बाहर

सुनसान मन्दिर में रहने आ गया । जिसमें यह अकेला ही रहता है । बस अब सिर्फ़ एक कुर्ता टायप पहने रहता है ।
ऐसे ही विध्या के सफ़ल योगी " नीम करोरी बाबा " के नाम से प्रसिद्ध बाबा कुछ ही साल पहले मौजूद थे । ये भी एक साथ कई जगह देखे गये । और कुछ लोगों ने इन्हें अजगर रूप में भी देखा । ये भी आगरा के पास के रहने वाले थे ।
तो ये हिममानव । लिजर्ड मेन और लाकनेस झील का मामला ऐसे ही योगियों का है । ऐसे योगी पानी के अन्दर सतह पर आराम से उसी तरह बैठे रह सकते हैं । जैसे जमीन पर आसन पर बैठे हों । ये विध्या महाभारत के दुर्योधन के पास भी थी ।
लेकिन इन घटनाओं में जैसा कि किसी को नुकसान पहुँचाने डराने या सेक्सुअल विहेव की अफ़वाहों को जोङ दिया जाता है । यह सब आधारहीन है । क्योंकि उन्हें बहुत कुछ दुर्लभ वैसे ही प्राप्त है । फ़िर वे उठाईगीरों जैसी हरकतें क्यों करेंगे ।
इनकी एक और खासियत होती है । इनका आभासी शरीर होता है । मतलब इन्हें पकङने या कैमरे द्वारा शूट करने की कोशिश एकदम बेकार ही होती है ।
ऐसा ही एक अच्छा सिद्ध अभी एटा नामक स्थान के पास है । जो भोले बाबा के नाम से प्रसिद्ध है । इसकी एक खासियत ये है कि आप डिजिटल कैमरे से फ़टाफ़ट एक ही स्थिति में इसके फ़ोटो शूट करें । तो उन फ़ोटोज में उमृ में अंतर साफ़ दिखायी देगा । किसी में बूढा । किसी में जवान etc । इसकी फ़ोटो अभी इसलिये आ जाती हैं । क्योंकि अभी ये अशरीरी नहीं हुआ है । और 5 तत्व का स्थूल पींजरा इसके पास है ।

बाकी ये उङन तश्तरी । एलियन और आसमानी विचित्र जीवों की रहस्यमय घटनायें ऐसे ही सूक्ष्म शरीर वाले लोग होते हैं ।
मैंने पहले भी कहा है । इस प्रथ्वी पर बहुत कुछ ऐसा रहस्यमय है । जो मानवीय बुद्धि और मानवीय यन्त्रों की पकङ से बाहर है । हिमालय के अगम्य क्षेत्र और विश्व की बहुत से अन्य स्थान ऐसे है । जो इन अलौकिक आत्माओं के निवास स्थान हैं ।
फ़िर भूत प्रेत आदि आत्मायें तो उस पीपल के पेङ पर भी  हो सकती हैं । जिसके नीचे अनजाने में आप खङे हो जाते हैं ।
**** ड्रेगन का मामला क्या है ? इसकी मुझे स्पष्ट जानकारी नहीं है । बस मैंने " रिटर्न आफ़ द ड्रेगन " और कुछ अन्य ड्रेगन फ़िल्में अवश्य देखीं हैं ।
- आप लोगों को क्या लगता है । ये ब्लाग कोई " राजीव जी " लिखते हैं । इसको भी तो एक भूत ही लिखता है - हू..हा..हा..हा..हू..यक्क्क्क्कू..नोना मोना..कहाँ है ..सोना..हू..हा हा हा..
सोना @ gold
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